प्रशासन शहरों के संग अभियान में परिषद जारी नहीं कर पाएगी पट्टे

न्यास ने केवल तीन जोन का ही बनाया सेक्टर प्लान, परिषद क्षेत्र के बी व ई को छोड़ा

By: Suresh Jain

Published: 25 Sep 2021, 08:45 AM IST

भीलवाड़ा।
प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत राज्य सरकार की ज्यादा से ज्यादा लोगों को पट्टे जारी करने की मंशा है, लेकिन दो अक्टूबर से शुरू हो रहे अभियान में नगर परिषद एक भी पट्टा जारी नहीं कर पाएगी। इसके पीछे नगर विकास न्यास का दखल प्रमुख कारण बताया जा रहा है। अभी यह तय नहीं हो पाया है कि परिषद किस क्षेत्र के पट्टे जारी करेगी। इसका सेक्टर प्लान तक तैयार नहीं है, जबकि न्यास ने भी अपने निर्धारित पांच सेक्टर प्लान में से मात्र तीन सेक्टर के प्लान तैयार किए है।
सेक्टर प्लान के लिए न्यास अधिकृत
भीलवाडा शहर की आबादी एक लाख से अधिक होने के कारण राज्य सरकार ने नगर विकास न्यास को जोनल प्लान या सेक्टर प्लान बनाने के लिए अधिकृत किया है। इसके तहत न्यास सेक्टर प्लान बनाने में लगा है। न्यास ने 5 सेक्टर प्लान ए, बी, सी, डी, ई बनाए है। न्यास वर्तमान में जोन ए, सी, डी का ही सेक्टर प्लान तैयार कर रहा है। परिषद क्षेत्र सेक्टर प्लान बी ओर ई का सेक्टर प्लान तैयार करवाया जाने के लिए कोई कार्यादेश जारी नहीं किया गया है। परिषद क्षेत्र का सेक्टर प्लान नहीं बनने से घनी आबादी क्षेत्र की सड़कों का मार्गाधिकार का निर्धारण नहीं हो पा रहा। इससे अभियान अवधि में नगर परिषद की ओर से पट्टा देने की कार्रवाई बाधित होगी। इस सम्बन्ध में परिषद आयुक्त ने स्थानीय निकाय विभाग के उपनिदेशक को भी पत्र लिखा है।
यह है सड़कों की स्थिति
परिषद क्षेत्र की पुरानी आबादी क्षेत्र में सड़क मार्गाधिकार का निर्धारण नहीं होने से भी पट्टे जारी करने में परेशानी आ सकती है। भीलवाडा के मास्टर प्लान में पुराना आबादी क्षेत्र महाराणा टॉकीज से बड़ा मंदिर होते हुए शहीद चौक तक सड़क 12 मीटर निर्धारित है। शहीद चौक से सांगानेरी गेट तक 18 मीटर, मुरली विलास धर्मशाला तिराहा से पशु चिकित्सालय तक 18 मीटर निर्धारित है। साबुन मार्ग से बडला चौराहा होते हुए श्रृंग ऋषि आश्रम तिराहा तक 30 मीटर, सूचना केन्द्र से गल्र्स कॉलेज 18 मीटर, महाराणा टॉकीज से महात्मा गांधी चिकित्सालय गेट तक 18 मीटर तयह है। महात्मा गांधी चिकित्सालय गेट से श्री गेस्ट हाउस चौराहा तक 24 मीटर की सड़क निर्धारित है। लेकिन मौके पर आबादी और निर्माण होने से मास्टर प्लान के अनुसार सड़क की चौडाई काफी कम है। ऐसी स्थिति में पट्टा जारी करना परिषद के लिए मुश्किल होगा।
नियमों की पालना जरूरत
राजस्थान उच्च न्यायालय के गुलाब कोठारी बनाम राज्य सरकार प्रकरण में दिए आदेशानुसार प्रचलित मास्टर प्लान में वर्णित भू-उपयोग परिवर्तन अनुसार एवं निर्धारित सड़क मार्गाधिकार अनुसार ही कार्रवाई किए जाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। शहर के मास्टर प्लान में शहर की पुरानी आबादी क्षेत्र की गलियों का सडक मार्गाधिकार का निर्धारण नहीं होने से भी धारा-69 ए, स्टेट ग्रांट एक्ट के तहत पट्टा देने में भी समस्या आएगी।
इनको मिल सकता लाभ
शहर में 17 जून 1999 से पूर्व या पश्चात कृषि भूमि पर बसी हुई अनाधिकृत कॉलोनियों का स्व: प्रेरणा से 90बी, 90ए नियमन की कार्रवाई, ले-आउट प्लान अनुमोदन की कार्रवाई वर्ष 2012 एवं इसके पश्चात भूखण्ड़धारियों को पट्टे जारी किए जाएंगे। नियमन की गई कॉलोनियों में जिन भूखण्ड़धारियों ने पट्टे प्राप्त नहीं किए हैं ऐसे भूखण्ड़धारियों को पट्टे जारी करने के लिए पूर्व तैयारी जैसे आवेदन, राशि जमा करवाने संबंधित जानकारी शिविर में दी जा रही है, लेकिन अभी तक पट्टे के लिए परिषद में एक भी फाइल नहीं आई है।

Suresh Jain Reporting
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