
ऑडिट के बाद जागा खान विभाग: ई-रवन्ना शुल्क डकारने वाले खनिज डीलरों को थमाए वसूली नोटिस
भीलवाड़ा जिले में खनिजों के परिवहन के लिए जारी होने वाले ट्रांजिट पास (ई-रवन्ना) पर देय प्रोसेसिंग शुल्क जमा नहीं कराने वाले बड़ी संख्या में खनिज डीलरों पर अब गाज गिरने वाली है। महालेखाकार के निरीक्षण प्रतिवेदन (ऑडिट) में सामने आई अनियमितता के बाद खनि अभियंता भीलवाड़ा हरकत में आ है। विभाग ने जिले के 269 क्रेशर संचालकों और खनिज डीलरों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर बकाया प्रोसेसिंग शुल्क जमा कराने का अल्टीमेटम दिया है।
वर्ष 2021-22 के महालेखाकार निरीक्षण प्रतिवेदन के ऑडिट पैरा 5 भाग (ब) में एक महत्वपूर्ण आपत्ति दर्ज की थी। इसके आधार पर विभाग ने पाया कि 3 जनवरी 2022 से 31 मार्च 2022 तक की अवधि में डीलरों की ओर से जारी किए खनिज ट्रांजिट पासों पर नियमानुसार देय 10 रुपए प्रति पास का प्रोसेसिंग शुल्क जमा नहीं किया गया है। इन तीन माह में ही जिलेभर में बड़ी संख्या में विभिन्न फर्मों की ओर से ट्रांजिट पास जारी किए गए। इससे सरकारी खजाने के राजस्व को नुकसान हो रहा था।
खनि अभियंता प्रवीण अग्रवाल की ओर से जारी किए गए नोटिस में डीलरों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि वे 15 दिवस में देय राशि जमा करा कर, चालान की प्रति कार्यालय में प्रस्तुत करें। यह प्रक्रिया इसलिए आवश्यक है ताकि इसकी सूचना निदेशालय के ऑडिट अनुभाग को भेजी जा सके। नोटिस में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में बकाया राशि जमा नहीं की जाती है, तो संबंधित डीलर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिन डीलरों को नोटिस थमाए गए हैं, वे मुख्य रूप से मेसनरी स्टोन (चेजा पत्थर), फेल्सपार, क्वार्ट्ज, चाइना क्ले, सोपस्टोन, जिंक, और रेड ओकर जैसे खनिजों के परिवहन से जुड़े हैं। खनिज विभाग की ओर से जारी नोटिस में जिले की कई प्रमुख इंडस्ट्रीज शामिल हैं। इनमें से कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं। आरके स्टोन ने 1661 ट्रांजिट पास का 16,610 रुपए बकाया। मेवाड़ स्टोन इंडस्ट्रीज के 1649 ट्रांजिट पास का 16,490 रुपए बकाया। सुप्रीम स्टोन इंडस्ट्रीज के 1339 ट्रांजिट पास के 13,390 रुपए, हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के 597 ट्रांजिट पास पर 5,970 रुपए बकाया है।
कार्रवाई से विभाग अब बकाया राजस्व वसूल कर एजी ऑडिट की आपत्तियों के निस्तारण के प्रयास में जुटा है। देखना यह है कि 15 दिन की इस मोहलत के बाद कितने डीलर अपना बकाया जमा कराते हैं और कितनों पर विभाग का कानूनी डंडा चलता है। हालांकि विभाग का मानना है कि इसमें कई खान मालिकों या डीलर को मात्र 10-10 रुपए तक के नोटिस जारी किए है। इसमें अधिकतम राशि 17 हजार रुपए है।
Published on:
24 Apr 2026 08:42 am
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