
महात्मा गांधी चिकित्सालय में कार्यरत एक कनिष्ठ लिपिक के कलक्ट्रेट में प्रतिनियुक्ति पर जाने से अस्पताल के चार सौ स्थायी कर्मचारियों का वेतन अटक गया। अस्पताल प्रबंधन ने उस कर्मचारी की जगह दूसरे कर्मचारियों को नियुक्त कर दिया
भीलवाड़ा ।
महात्मा गांधी चिकित्सालय में कार्यरत एक कनिष्ठ लिपिक के कलक्ट्रेट में प्रतिनियुक्ति पर जाने से अस्पताल के चार सौ स्थायी कर्मचारियों का वेतन अटक गया। अस्पताल प्रबंधन ने उस कर्मचारी की जगह दूसरे कर्मचारियों को नियुक्त कर दिया। लेकिन उन्होंने काम पूरा नहीं किया इससे परेशानी खड़ी हो गई। अप्रेल खत्म होने को आया, लेकिन मार्च का वेतन अब तक नहीं मिला। इससे गुस्साए कर्मचारियों ने शुक्रवार को करीब एक घंटे तक प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) का घेराव किया।
कर्मचारियों का आरोप था कि पीएमओ ऑफिस के कर्मचारियों की लापरवाही से उन्हें अब तक वेतन नहीं मिला। एक कर्मचारी का काम दूसरा कर्मचारी नहीं करता। अधिकांश कर्मचारियों के फिक्शेसन भी अटके पड़े है। कर्मचारी कोई भी समस्या लेकर ऑफिस जाते है तो उन्हें स्टाफ सीट पर नहीं मिलता, जिससे उन्हें काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल महासंघ (महात्मा गांधी चिकित्सालय) के सचिव लक्की ब्यावट ने आरोप लगाया कि पीएमओ ऑफिस में कुछ को छोड़कर अन्य सभी बाबू सीट से नदरारद रहते है। बाबुओं का अधिकांश कार्य सहायक कर्मचारी करते है।
कर्मचारी कोई शिकायत लेकर जाते हैं तो उन्हें प्राप्ति रसीद तक नहीं दी जाती है। शिकायत पत्र लेने व निवारण के लिए चार माह से पीएमओ ऑफिस में एकल खिड़की की मांग की जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हालात यह है कि शिकायत पत्र ले लिया जाता है लेकिन पीएमओ तक पहुंचता ही नहीं।
अस्पताल में करीब 400 नियमित कर्मचारी है लेकिन अप्रेल की 20 तारीख हो जाने के बावजूद सातवें वेतन आयोग के लिए अब तक केवल 200 कर्मचारियों के फिक्सेशन हुए हैं, वह भी काफी मशक्कत के बाद किए गए।
मार्च माह का वेतन नही मिलने से चिकित्सक से लेकर वार्ड बॉय तक सभी परेशान है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। कर्मचारियों ने घेराव कर मार्च माह का वेतन दिलाने, सातवें वेतन आयोग को लेकर फिक्शेसन कराने, अप्रेल में एरियर की प्रथम किश्त का भुगतान करने, कर्मचारियों की शिकायतों के निवारण के लिए एकल खिड़की शुरू करने, सीट से नदारद रहने वाले बाबुओं को हटाने सहित अन्य कई मांगें जल्द पूरा करने की मांग की। एक मई तक मांगे पूरी नहीं होने पर समस्त कैडर कर्मचारियों द्वारा एक घंटे कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई।
पीएमओ डॉ. एसपी आगीवाल ने कर्मचारियों को सोमवार तक वेतन दिलाने व सात दिनों में फिक्शेसन करने का आश्वासन दिया। घेराव करने वालों में महासंघ अध्यक्ष महेन्द्र सिंह राठौड़, महासचिव फरीद मोहम्मद, डॉ. एचएस सहवाल, डॉ. रमेश माहेश्वरी, डॉ. आनन्द अग्रवाल, डॉ. रमाकान्त सेठी सहित कई चिकित्सक व सभी केडर के कर्मचारी मौजूद थे।
जल्द वेतन देंगे
महात्मा गांधी चिकित्सालय के सभी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार संशोधित वेतनमान देना है जिसकी प्रक्रिया फाइलों में शिथिलता होने के कारण अधूरी पड़ी है। हम त्रुटियां निकालकर जल्द वेतन देने का प्रयास कर रहे हैं। वेतन बनाने वाले बाबू को निर्वाचन विभाग में सेवाएं देने के लिए बुला लिया गया था, जिससे भी कार्य बाधित हुआ है।
एसपी आगीवाल, प्रमुख चिकित्साधिकारी
Published on:
21 Apr 2018 02:53 pm

बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
