भीलवाड़ा. नगर विकास न्यास ने जोधड़ास चौराहे के पास कोठारी नदी पर 250 मीटर हाइलेवल ब्रिज बना दिया लेकिन इसे उतारने के लिए खुद के पास जमीन नहीं है। करीब नौ साल पहले पुलिया की नींव रखी। दो साल पहले काम शुरू हुआ, लेकिन न्यास ने नहीं सोचा कि पुलिया आगे उतर कर कहां जाएगी क्योंकि आगे न्यास के पास खुद की जमीन नहीं है। पुलिया समाप्त होते ही खातेदारी जमीन है। इसके अधिग्रहण का काम शुरू ही नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 19 सितम्बर 2013 को जोधडास चौराहे पर रेलवे ओवरब्रिज की नींव रखी। वर्ष 2019 में बजट दिया तो काम शुरू हुआ। 34 करोड़ में पुल बन गया और विद्युत पोल लगाए जा रहे हैं। गोविन्दपुरा से जोड़ने वाले ब्रिज से 200 फीट एप्रोच रोड के लिए खातेदारों की भूमि ली जानी है। बदले में खातेदारों को भूखण्ड देकर खातेदारी भूमि एवं न्यास भूमि को शामिल किया जाना था। गोविन्दपुरा में कोठारी नदी ब्रिज से पालड़ी की ओर एप्रोच आराजी संख्या 191 (क्षेत्रफल 7.6629 हैक्टेयर भूमि) न्यास के पास है जबकि 4.065 हैक्टेयर भूमि निजी खातेदारों की है। न्यास ट्रस्ट की 4 जनवरी को बैठक में जमीन अधिग्रहण का मामला रखा गया। जिला कलक्टर के सहमत नहीं होने से प्रस्ताव पर चर्चा के बाद प्रकरण को आगामी बैठक में रखना तय हुआ। न्यास की अगली बैठक में इसे रखा जाएगा।
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पुलिया का लेखा-जोखा40 करोड़ के कार्य की मूल प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति
33.96 करोड़ का 20 जनवरी 2020 को कार्यादेश जारी
10 फरवरी 2020 कार्य प्रारम्भ की तिथि
9 दिसम्बर 2021 कार्य समाप्ति की तिथि
31 मार्च 2023 अंतरिम समयावधि विस्तार तिथि