14 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खबर का असर: गांधीसागर मामले में कलक्टर ने मांगी रिपोर्ट, गंदे नालों का पानी नहीं जाना चाहिए, सीवरेज के काम में लगेगा समय

गांधीसागर तालाब में भीषण गर्मी के मौसम में भी गंदे नालों के पानी से चादर चलने को जिला कलक्टर ने गंभीरता से लिया

2 min read
Google source verification

भीलवाड़ा।

शहर के गांधीसागर तालाब में भीषण गर्मी के मौसम में भी गंदे नालों के पानी से चादर चलने को जिला कलक्टर शुचि त्यागी ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने नगर परिषद से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। साथ ही कहा है कि शहर में सीवरेज का काम अभी शुरू हुआ है। इसे पूरा होने में अभी समय लगेग। जब तक काम नहीं हो जाता तब तक गांधीसागर तालाब में गंदे नालों का पानी नहीं जाना चाहिए।

गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने गत दिनों गंदे नालों के पानी से ली गांधीसागर में चादर शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। बताया था कि नालों का पानी भी तालाब में छोडऩे से यहां चादर चल रही है। पानी भी जहरीला हो गया है। पशु-पक्षियों की मौत हो रही है।


सभापति ने की कलक्टर से मुलाकात
गांधीसागर तालाब की सफाई सहित अन्य मुद्दों में जिला प्रशासन के साथ काम करने के लिए नगर परिषद सभापति ललिता समदानी ने कलक्टर से मुलाकात की। इसमें परिषद में लंबित फाइलों के बारे में चर्चा हुई। साथ ही शहर में आवारा पशु, अतिक्रमण हटाने व आमजन के पट्टे जारी करने पर चर्चा की गई।


नए नालों का हो रहा है निर्माण
सभापति ने बताया कि नालों का पानी गांधीसागर में नहीं जाए, इसके लिए नए नालों का निर्माण करा रहे हैं। कोशिश है कि बरसात से पहले गंदे पानी की निकासी कहीं और कर दी जाए। उन्होंने बताया कि यह लोगों की समस्या है और इसे प्राथमिकता से दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।

बरसात से पहले सड़कों की मरम्मत के निर्देश
भीलवाड़ाञ्चपत्रिका. कलक्टर शुचि त्यागी ने आरयूआईडीपी अधिकारियों को बरसात से पहले शहर में सीवरेज लाइन डालने के लिए खोदी सड़कें ठीक करने के निर्देश दिए। गुरुवार को प्रोजेक्ट के धर्मराज जांगिड़, केसी अग्रवाल, प्रोजेक्ट हेड सुधीर मिश्रा, नगर परिषद अधिकारी एक्सईएन आरयूआईडीपी खिलाड़ीराम मीणा उपस्थित थे। इसमें बताया कि शहर में 400 किमी पाइप लाइन डालनी है। अभी तक 18 से 20 किलोमीटर लाइन डाली गई है।