10 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भूगोल के प्राध्यापकों ने उप प्राचार्य पदोन्नति में विसंगति दूर करने की उठाई मांग

प्राध्यापक स्कूल शिक्षा सीनियरिटी संघर्ष समिति ने जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा

less than 1 minute read
Google source verification
Geography professors raised the demand to remove the anomaly in the promotion of vice principal

Geography professors raised the demand to remove the anomaly in the promotion of vice principal

प्राध्यापक स्कूल शिक्षा सीनियरिटी संघर्ष समिति (राजस्थान) के बैनर तले भूगोल विषय के प्राध्यापकों ने जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें 2015 की प्राध्यापक भर्ती से चयनित विभिन्न विषयों के प्राध्यापकों की पदोन्नति में गंभीर विसंगतियों को दूर करने की मांग की गई।

19 विषयों के 13 हजार से अधिक शिक्षक प्रभावित

ज्ञापन में बताया गया कि आरपीएससी प्राध्यापक भर्ती-2015 के तहत 19 विषयों में कुल 13,098 अध्यापकों का चयन हुआ था। राजस्थान शिक्षा राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम 2021 में पदोन्नति के लिए नियम-36 स्पष्ट करता है कि प्रत्येक विषय की अलग-अलग वरिष्ठता बनाई जानी चाहिए, लेकिन विभाग की ओर से एक ही भर्ती में चयनित प्राध्यापकों की नियुक्ति तिथियों के आधार पर सामान्य वरिष्ठता सूची तैयार कर दी गई है।

कुछ विषयों को शत-प्रतिशत पदोन्नति, कुछ वंचित

प्राध्यापकों का कहना है कि इस व्यवस्था से कुछ विषयों के शिक्षकों को शत-प्रतिशत पदोन्नति का लाभ मिल जाएगा, जबकि भूगोल, इतिहास, संस्कृत, वाणिज्य जैसे विषयों के करीब 8,000 प्राध्यापक वंचित रह जाएंगे। इस विसंगति के चलते भविष्य में रिक्त पद भी समाप्त हो जाएंगे और नए अभ्यर्थियों के लिए रोजगार अवसर भी बंद हो सकते हैं। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधि मंडल में राजेश पारीक, अनिल उपाध्याय, मोहित सिंह, विकास जोशी, अक्षय जोशी, मनोज ओझा, रवि कोली, गोविंद वैष्णव, राजेश आचार्य, सुमित्रा जाट, लक्ष्मी तेली व मंजू गुर्जर शामिल थी। प्राध्यापकों ने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे राज्य स्तरीय आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

यह है प्रमुख मांगे

  • - सभी विषयों के प्राध्यापकों की समान वरिष्ठता सूची बने।
  • - उप प्राचार्य पद पर पदोन्नति में भेदभाव समाप्त किया जाए।
  • - नियम 2021 की सही व्याख्या लागू हो।