
GST refund in bhilwara
भीलवाड़ा
निर्यातकों के लिए अच्छी खबर है। सरकार जीएसटी रिफण्ड की प्रक्रिया शुरू कर दी है। देश में अटके करोड़ों रुपए के जीएसटी रिफण्ड लौटाने के लिए 31 मई से 14 जून तक विशेष पखवाड़ा शुरू किया है। इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का देश में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक के रिफण्ड अटके हैं।इस अभियान के तहत केंद्र व राज्य के जीएसटी अधिकारी 30 अप्रेल या पहले के सभी जीएसटी रिफण्ड के आवेदनों का निस्तारण का प्रयास करेंगे।
ये देने होंगे दस्तावेज
जीएसटी के सेवा केन्द्र प्रभारी जीपी दाधीच ने बताया कि रिफण्ड के लिए एआरएन नम्बर व आरएफडी 01 ए के साथ आवेदन करना होगा। तीन चार लेटरहैड पर अण्डरटेकिंग देनी होगी। इनपुट व शिपिंग के बिल आईजीएम के साथ, इलेक्ट्रोनिक क्रेडिट लेजर की प्रति, जीएसटीआर वन व जीएसटीआर 3 बी के साथ पेश करना होगा। इनके साथ आवेदन के 21 दिन में रिफण्ड किया जा रहा है। इसमें एक भी दस्तावेज न होने पर रिफण्ड मिलने में देरी हो सकती है।
अफवाह पर न दें ध्यान
जीएसटी के सहायक आयुक्त अनिरूद्ध वैष्णव ने बताया कि कोई भी निर्यातक अफवाह पर ध्यान न दें। किसी बात की आंशका है या जानकारी लेने है तो विभाग के अधिकारी या सेवा केन्द्र प्रभारी दाधीच से ले सकते हैं। रिफण्ड के लिए सभी दस्तावेज पेश करने के लिए भी अधिकारी से सम्पर्क कर दस्तावेज की जांच करा सकते हैं।
यहां लगते दो दिन
सीजीएसटी विभाग रिफण्ड के बिल बनाकर जयपुर स्थित वेतन एवं लेखाधिकारी के पास ऑनलाइन भेजते हैं, लेकिन कागजों का मिलान मूल दस्तावेज के डाक के माध्यम से मिलने के बाद जांच कर ही निर्यातक को ऑनलाइन भुगतान किया जाता है। इस प्रक्रिया में दो से तीन दिन का समय लग जाता है।
ऑनलाइन अपलोड नहीं हो रहा फार्म
रिफण्ड के लिए एआरएन नम्बर व आरएफडी 01 ए के साथ आवेदन करना होता है, लेकिन पिछले कई दिनों से आरएफडी 01 ए फार्म अपलोड नहीं हो पा रहा है। ऐसी स्थिति में रिफण्ड के आवेदन पेश करना भी मुश्किल होगा। इस सम्बन्ध में मेवाड़ चैम्बर ऑफ कामर्स के महासचिव आरके जैन ने बताया कि आरएफडी 01 ए के अपलोड नहीं होने के सम्बन्ध में गत 26 मई को जीएसटी काउंंसिल को पत्र लिखा है।
हार्डकॉपी विभाग में दें: चौधरी
वाणिज्यिक कर विभाग के संयुक्त आयुक्त गोकुल राम चौधरी ने बताया कि जीएसटी रिफण्ड के सभी लम्बित प्रकण्रणों का निस्तारण14 जून तक किया जाएगा। इसमें एक्सपोर्ट रिफण्ड, अधिक जमा रिफण्ड, गलत मद में जमा रिफण्ड शामिल है। चौधरी ने सभी व्यवसायियों, व्यापारिक संगठनों, टैक्स बार एसोसिएशन से अपील की है कि रिफण्ड सम्बंधित दस्तावेज की हार्डकॉपी कार्यालय में पेश कर लाभान्वित हों।
Published on:
01 Jun 2018 02:52 pm
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