
उच्च शिक्षा: ऐश पोर्टल पर सटीक डेटा से ही बनेंगी पारदर्शी नीतियां, जिले के नोडल अधिकारियों का हुआ मंथन
शिक्षा के क्षेत्र में भविष्य की सटीक नीतियां तभी बन सकती हैं जब जमीनी स्तर के आंकड़े सही और पारदर्शी हों। उच्च शिक्षा में डेटा संग्रहण के लिए बनाए गए ऐश पोर्टल के सुचारू संचालन और डेटा फीडिंग की तकनीकी बाधाएं दूर करने के लिए एमएलवी राजकीय महाविद्यालय में एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय की अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (एआईएसएचई) राजस्थान स्टेट यूनिट और एमएलवी कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सरकारी व निजी कॉलेजों को पोर्टल पर आ रही समस्याओं का समाधान करना और उन्हें इस पूरी प्रक्रिया के प्रति संवेदनशील बनाना था।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. संतोष आनंद ने शिक्षा के क्षेत्र में डेटा के महत्व पर बेबाक विचार रखे। उन्होंने कहा कि सिर्फ आंकड़े जुटाना काफी नहीं है, बल्कि आंकड़ों में निहित संवेदनशीलता को समझना अत्यंत आवश्यक है। डॉ. आनंद ने स्पष्ट किया कि जब नीतियां मनुष्यता के पैमाने पर खरी उतरेंगी, तभी शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य पूरे होंगे। उन्होंने इस प्रकार की कार्यशाला की आवश्यकता और सार्थकता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला ।
मुख्य वक्ता डॉ. सुरेश चन्द्र तिवारी ने डाटा कैप्चर फॉर्मेट को भरने में बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने दस्तावेजीकरण की बारीकियों को समझाते हुए सामान्य त्रुटियों में सुधार के व्यावहारिक तरीकों के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी। कार्यशाला संयोजक डॉ. मनीष रंजन ने पोर्टल पर डेटा संग्रहण की सटीकता के दूरगामी परिणामों, इसके उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए नोडल अधिकारियों का मार्गदर्शन किया। कार्यशाला के सह-संयोजक मोहन लाल ने प्रतिभागियों को पोर्टल पर डेटा फीडिंग की प्रक्रिया समझाई और उनकी व्यक्तिगत शंकाओं का समाधान किया।कार्यक्रम में आयोजन समिति के संयोजक डॉ. राजकुमार लड्ढा एवं डॉ. अश्विनी जोशी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. नारायण लाल माली ने सभी का आभार जताया। इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न राजकीय एवं निजी महाविद्यालयों के नोडल अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में आयोजन समिति के संयोजक डॉ. राजकुमार लड्ढा एवं डॉ.अश्विनी जोशी भी उपस्थित थे।
Published on:
29 Mar 2026 08:43 am
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