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Opinion : मैं भीलवाड़ा हूं… अब बन ही जाए ओवरब्रिज

रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज बनाने का सपना दस साल से अटका था। राजस्थान पत्रिका ने दस माह पहले अटके ओवरब्रिज का मुद्दा प्रमुखता से उठाया तो जनमानस की आवाज मुखर हुई। देर से ही सही, आखिरकार राज्य सरकार ने हम सभी की पुकार सुन ली और ओवरब्रिज निर्माण के लिए मंजूरी दे दी

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Opinion : मैं भीलवाड़ा हूं... अब बन ही जाए ओवरब्रिज

Opinion : मैं भीलवाड़ा हूं... अब बन ही जाए ओवरब्रिज

प्रिय शहरवासियों! मैं भीलवाड़ा आज फिर मन की सुनाने के लिए हाजिर हूं। मैं आज खुश हूं, लेकिन चिन्तित भी हूं। खुशी इसलिए कि सरकार ने रामधाम के निकट रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज बनाने की बहुप्रतीक्षित मांग को मंजूरी दे दी। अब यहां ओवरब्रिज बनने से शहर के दो भागों के बीच कनेक्टिविटी सुगम होगी और विकास को पंख लगेंगे।

हमें पता है कि रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज बनाने का सपना दस साल से अटका था। राजस्थान पत्रिका ने दस माह पहले अटके ओवरब्रिज का मुद्दा प्रमुखता से उठाया तो जनमानस की आवाज मुखर हुई। देर से ही सही, आखिरकार राज्य सरकार ने हम सभी की पुकार सुन ली और ओवरब्रिज निर्माण के लिए मंजूरी दे दी। यह ओवरब्रिज साबुन मार्ग से डांगी फैक्ट्री तक बनना है। डीपीआर बनाने के लिए नगर विकास न्यास को प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति दी गई है। ओवरब्रिज के सर्वे से लेकर जमीन अधिग्रहण तक का खर्च न्यास की ओर से वहन किया जाना है।

शहर में एक और ओवरब्रिज निर्माण की राह खुली तो हम सब उत्साहित हैं। लेकिन उत्साह के साथ चिन्ता के बादल भी है कि कहीं चुनावी साल में यह ओवरब्रिज राजनीति का शिकार होकर फिर से अटक न जाए। न्यास में अफसरों का ढीला रवैया किसी से छिपा नहीं है। न्यास में जनता के कामों लटकाना और रेंगने के लिए छोड़ देना अफसरों का पुराना रवैया रहा है। इसलिए ओवरब्रिज के मामले में भी अफसर सुस्ती की चादर ओढ़ सकते हैं। सर्वे व जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने में देरी हो सकती है।


ओवरब्रिज के बिना हम सभी कई सालों से कितनी परेशानी झेल रहे हैं। बरसात के समय अंडरपास किसी काम के नहीं। अंडरपास के इर्द-गिर्द आए दिन जाम के हालात बन रहे हैं। शहर को राहत देने के लिए रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज बनना बेहद जरूरी है। हमें ओवरब्रिज के मुद्दे पर आवाज मुखर रखनी होगी। हम जानते हैं कि अफसर उन्हीं कार्यों को प्राथमिकता पर रखते हैं, जिन पर जनता की सीधी नजर हो। यानि जागरूक प्रहरी के रूप में डटे रहे तो हमें इसी साल ओवरब्रिज का तोहफा मिल सकता है।