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नहीं चलेगी खानापूर्ति: सरकारी स्कूलों में अब ‘सरप्राइज विजिट’ नहीं, 3 घंटे रुककर परखनी होगी पढ़ाई की गुणवत्ता

- कड़ा रुख: शिक्षा निदेशक ने जारी किए निरीक्षण के नए मापदंड - अब केवल साफ-सफाई नहीं, होमवर्क और लैब के उपकरणों की भी होगी जांच

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No more surprise visits to government schools; three-hour stays to assess the quality of education

No more surprise visits to government schools; three-hour stays to assess the quality of education

प्रदेश के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने और शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए शिक्षा विभाग ने अब कमर कस ली है। स्कूलों में जाकर सरप्राइज विजिट के नाम पर खानापूर्ति करने वाले शिक्षा विभाग के अफसरों की नकेल कसी गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने परिपत्र जारी कर निरीक्षण व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन के निर्देश दिए हैं। अब निरीक्षण के नाम पर केवल खानापूर्ति नहीं चलेगी, बल्कि जांच अधिकारी को कम से कम 3 घंटे विद्यालय में रुकना होगा और एक-एक बिंदु की गहनता से पड़ताल करनी होगी।

विद्यार्थियों से सीधे सवाल पूछेंगे अधिकारी

निरीक्षण के दौरान अब अधिकारियों को कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों का 'रैंडम' चयन कर उनके शैक्षणिक स्तर परखना होगा। हर स्तर प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक से 5-5 विद्यार्थियों से सवाल पूछकर उनकी दक्षता जांची जाएगी। शिक्षक नियमित गृहकार्य दे रहे हैं या नहीं और उसकी जांच की जा रही है या नहीं, इसके लिए अधिकारी स्वयं विद्यार्थियों की कॉपियां देखेंगे। प्रयोगशाला में उपकरणों की उपलब्धता और पुस्तकालय में 'रीडिंग कॉर्नर' के उपयोग का भी भौतिक सत्यापन होगा।

बुनियादी सुविधाओं पर पैनी नजर

परिपत्र के अनुसार विद्यालयों में केवल कागजी घोड़े नहीं दौड़ेंगे। अधिकारियों को मौके पर जाकर व्यवस्थाएं देखनी होंगी। संसाधन को लेकर बालक-बालिकाओं के लिए पृथक और चालू हालत में शौचालय, स्वच्छ पेयजल और सोलर/बिजली की क्रियाशीलता। विद्यालयों में लगी आईसीटी लैब और कंप्यूटरों की कार्यशीलता की जांच अनिवार्य होगी। विद्यालय परिसर में कोई असुरक्षित कक्ष या खुला टांका या टंकी न हो, यह सुनिश्चित करना होगा। निरीक्षण को केवल कमियां निकालने तक सीमित नहीं रखा है। यदि किसी स्कूल में कोई विशिष्ट गतिविधि या सकारात्मक कार्य हो रहा है, तो उसे सोशल मीडिया पर साझा करना होगा ताकि अन्य स्कूल भी उससे प्रेरणा ले सकें। निरीक्षण के तुरंत बाद एक पृष्ठीय प्रतिवेदन निर्धारित ईमेल आईडी पर भेजना होगा। इसमें मिड-डे मील, दूध वितरण और नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण की प्रगति का भी उल्लेख करना होगा।