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बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले शिक्षा विभाग का ‘तबादला एक्सप्रेस’, 6521 व्याख्याता इधर-उधर

बड़ी लापरवाही: प्रैक्टिकल चल रहे और सरकार ने थमा दी ट्रांसफर लिस्ट 12 फरवरी से मुख्य परीक्षा, अब कैसे पूरा होगा कोर्स?

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Just before the board exams, 6521 lecturers were transferred.

Just before the board exams, 6521 lecturers were transferred.

प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन शिक्षा विभाग ने ऐन वक्त पर तबादलों की झड़ी लगा दी है। शनिवार को छुट्टी के दिन विभाग ने 'जम्बो' लिस्ट जारी करते हुए 6,521 व्याख्याताओं के तबादले कर दिए। शनिवार सुबह सबसे पहले हिंदी के 1,644 व्याख्याताओं की सूची आई, जिसके बाद अन्य विषयों के तबादलों का दौर शुरू हुआ। हैरानी की बात यह है कि अभी और भी सूचियां आने की संभावना है। इस तबादला सूची में भीलवाड़ा के व्याख्याता भी शामिल है। संस्था प्रधानों को निर्देश दिए हैं कि जिन व्याख्याताओं के तबादले हुए हैं और वे बोर्ड प्रायोगिक परीक्षा में परीक्षक के रूप में लगे हैं तो उनको परीक्षा के बाद ही कार्य मुक्त करें।

प्रैक्टिकल परीक्षा पर 'ग्रहण'

वर्तमान में 6 से 20 जनवरी तक प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) परीक्षाएं चल रही हैं। बीच सत्र में हुए इन तबादलों का सबसे घातक असर इन्हीं परीक्षाओं पर पड़ेगा। परीक्षक बदलने और नए स्थान पर जॉइनिंग की कशमकश के बीच छात्रों का मूल्यांकन प्रभावित होना तय है।

प्रमुख चिंताएं: क्यों उठ रहे हैं सवाल

  • अदालत की सख्ती दरकिनार: हाल ही न्यायालय ने बीच सत्र में तबादलों को लेकर तल्ख टिप्पणी की थी, लेकिन सरकार ने इसे गंभीरता से लेने के बजाय बड़ी संख्या में शिक्षकों को कार्यमुक्त करने की तैयारी कर ली है।
  • समय से पहले एग्जाम, कोर्स का बोझ: इस बार माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं मार्च के बजाय 12 फरवरी से ही शुरू हो रही हैं। सिलेबस में कोई कटौती नहीं की गई है, ऐसे में अंतिम समय की तैयारी अब भगवान भरोसे है।
  • प्रशासनिक अस्थिरता: इससे पहले 418 प्रिंसिपलों के तबादले तीन अलग-अलग सूचियों में किए गए थे। स्कूलों में पहले से ही प्रशासनिक ढांचा डगमगाया हुआ है।

मैनेजमेंट फेल: ड्यूटी लगाने में आएगी दिक्कत

बोर्ड परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों पर व्याख्याताओं की ही ड्यूटी लगाई जाती है। इतनी बड़ी संख्या में फेरबदल के बाद अब विभाग के लिए परीक्षा ड्यूटी का प्रबंधन करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। नए स्कूल में शिक्षक को सेटल होने में वक्त लगेगा, जिसका सीधा नुकसान उन विद्यार्थियों को होगा जो बोर्ड मेरिट की तैयारी में जुटे हैं।

बच्चों के भविष्य से खिलवाड़

राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील के प्रदेशाध्यक्ष नीरज शर्मा का कहना है कि बोर्ड परीक्षा में केवल एक महीना बचा है। सर्दी के कारण पढ़ाई पहले ही प्रभावित है, अब विषय अध्यापक ही बदल जाएंगे तो बच्चा किससे मार्गदर्शन लेगा। सरकार को यह फैसला ग्रीष्मकालीन अवकाश में लेना चाहिए था। हालांकि चर्चा यह भी है कि शिक्षा विभाग रविवार या सोमवार तक तृतीय श्रेणी शिक्षकों और अन्य कैडर की सूचियां भी जारी कर सकता है। यदि ऐसा हुआ तो प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चुनावी मोड या तबादला मोड में चली जाएगी। इससे छात्र पूरी तरह उपेक्षित हो जाएंगे।

इन विषय को हुए तबादले

शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार प्रदेश में 6521 शिक्षकों के तबादले किए गए है। इनमें हिन्दी के 1644, अंग्रेजी के 355, कॉमर्स के 91, इतिहास के 973, जीव विज्ञान 345, रसायन विज्ञान 332 व गृह विज्ञान 60, गणित के 104, कृषि में 74, भौतिक विज्ञान 416, राजनीति विज्ञान 909, संस्कृत विषय में 208 तथा भूगोल, अर्थशास्त्र, उर्दू, शारीरिक शिक्षा के 1010 के शिक्षक शामिल हैं।