भीलवाड़ा

संभाल कर रखें अपना दिल, कभी भी दे सकता है दगा

भीलवाड़ा. टेक्सटाइल सिटी में गत कुछ माह में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में इजाफा हुआ है। कम उम्र वाले लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। कोरोना के बाद से ऐसे केस और बढ़े हैं।

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Oct 14, 2023
संभाल कर रखें अपना दिल, कभी भी दे सकता है दगा

भीलवाड़ा. टेक्सटाइल सिटी में गत कुछ माह में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में इजाफा हुआ है। कम उम्र वाले लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। कोरोना के बाद से ऐसे केस और बढ़े हैं। अचानक हो रही इस मौत से सब हैरान हैं। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में भी इस बात का दावा किया है कि कोविड के बाद से दिल से जुड़ी बीमारियों में वृद्धि हुई है। इससे बचने के लिए लाइफ स्टाइल में भी अब बदलाव की आवश्यकता है। ऐसा ही चौकाने वाला मामला शुक्रवार दोपहर को देखने को मिला। शहर के उद्यमी एवं भीलवाड़ा टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के महासचिव का हार्ट अटैक से निधन हो गया। इससे टेक्सटाइल उद्योग में शोक की लहर छा गई।

क्या हैं हार्ट अटैक के लक्षण

हार्ट अटैक की स्थिति में सीने में दर्द होना, सांस लेने में तकलीफ, पसीना आना या बैचेनी होना, घबराहट महसूस होना आदि प्रमुख लक्षण हैं। अगर आप डायबिटीज या ब्लड प्रेशर के मरीज हैं। कोलेस्ट्रॉल की समस्या है तो दिल का विशेष खयाल रखना होगा। अगर आप पहले से जल्दी थकने लगे हैं, जैसे सीढ़ियां चढ़ना या कोई और फिजिकल एक्टिविटी करने में जल्दी थकान होती है, तो डॉक्टर के पास जाकर जांच करवानी चाहिए।
यह है प्रमुख कारण

- डायबिटीज और हाइपरटेंशन
- युवाओं में स्ट्रेस की अधिकता

- लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतों, जैसे स्मोकिंग
- कोलेस्ट्रोल लेवल व फूडिंग हैबिट

जनवरी से अब तक 180 की मौत
चिकित्सा विभाग के अनुसार जनवरी से अब तक 180 लोगों की हार्ट अटैक के कारण मौत हुई है। इसमें 96 लोग 50 साल से कम उम्र के है। इसके अलावा 38 लोगों की मौत ब्रेन हेमरेज के कारण हुई है। शास्त्रीनगर निवासी व भीलवाड़ा टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के महासचिव अतुल शर्मा की शुक्रवार दोपहर को होर्ट अटैक से मौत हो गई। हालांकि उन्हें निजी चिकित्सालय ले जाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इनकी मौत से उद्यमियों को बड़ा झटका लगा है। इसके अलावा लक्ष्मी देवी, चुन्नीलाल, दिलीप कुमार, मिश्रीदेवी, हमीदा बानू, भंवरसिंह राठौड़ की होर्ट अटैक से मौत हुई है।
हार्ट अटैक के बाद एक-दो घंटे महत्वपूर्ण

हार्ट अटैक के बाद अगले एक-दो घंटे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इस बीच मरीज को जल्द से जल्द इलाज मिलना जरूरी होता है। लेकिन 75 प्रतिशत लोग देरी से अस्पताल पहुंचते हैं। इससे उनकी मौत हो जाती है। कई लोग यह समझ ही नहीं पाते कि उन्हें दिल का दौरा है या मामूली दर्द। अस्पताल जाएं न जाएं इसे लेकर ही सोचते रह जाते हैं। लेकिन यह दिल का मामला है इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

डॉ. विवेक दशोरा, ह्रदय रोग विशेषज्ञ, भीलवाड़ा

Published on:
14 Oct 2023 09:08 am
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