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बरसात के अभाव में 3.71 लाख हेक्टेयर में खरीफ की फसलें मुरझा रही

बिन पानी सब सूनकिसानों के सामने संकट, एक सितम्बर तक बारिश नहीं हुई तो अकाल की आहट

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बरसात के अभाव में 3.71 लाख हेक्टेयर में खरीफ की फसलें मुरझा रही

बरसात के अभाव में 3.71 लाख हेक्टेयर में खरीफ की फसलें मुरझा रही

भीलवाड़ा।
मानसून की बेरुखी से जिले में खरीफ की 3.71 लाख से अधिक हेक्टेयर में खड़ी फसल पर सूखे के बादल मंडरा रहे हैं। जिले में खरीफ की फसलों से करोड़ों का टर्न ओवर होता है। जिले में अब तक 344 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से कम है। सावन महीन सूखे में बीत गया। अब भादव में भी बारिश नहीं होने से फसलें सूख रही है। इसका असर मक्का, ज्वार, ग्वार, मूंग, उड़द, मूंगफली और बाजरा की फसल पर पड़ रहा है। जिले के अधिकांश बांध खाली पड़े है। लगातार गर्मी पडऩे से भी बांध का जल स्तर बढऩे की बजाय कम होना शुरू हो गया है। खेतों में खड़ी फसलें मुरझाते देख किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। बांधों का औसत जल स्तर पिछले वर्षों में सबसे कम है।
फसलों को सिंचाई की जरूरत
जिले में 4 लाख के मुकाबले 3.71 हैक्टेयर में भी फसलों की बुआई हो सकी है। सावन माह में भी बारिश नहीं होने से अब फसलों को सिंचाई के पानी की सख्त आवश्यकता है। जिन किसानों के कुओं में तथा फॉर्म पौण्ड में पानी है, वे इंजन लगाकर फसलों के बचाने में लगे है। लेकिन जिनके पास न कुआ है और न ही फॉर्म पौंड है, वे किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए है। यदि जल्द बरसात नहीं हुई तो खेतों में खड़ी फसलें सूख जाएगी। इससे किसानों को भारी नुकसान होगा।
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फसलें बर्बाद हो जाएंगी
जिले में औसत से कम बारिश हुई है। ऐसे में फसलों को सिंचाई की सख्त आवश्यकता है। अगले एक सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसले बर्बाद हो जाएगी। किसानों को करोड़ों रुपए का नुकसान होगा। जिन किसानों ने सरकारी योजना में फॉर्म पौंड बना रखे है वे किसान ही अपने फसलों के बचा पा रहे है।
रामपाल खटीक उपनिदेशक, कृषि विभाग भीलवाड़ा
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भीलवाड़ा जिले में बरसात की स्थिति
- जिले में 344.25 एमएम बारिश हुई।
- जिले में औसत 629.62 एमएम बारिश।
- जिले में पिछले साल 526 एमएम वर्षा हुई। जो कि 81.73प्रतिशत था
-मक्का, ज्वार, बाजरा, मूंग, उड़द, सोयाबीन, मूंगफली, तील व कपास की फसलें है।
- एक सितम्बर तक जिले में बारिश नहीं हुई तो फसलें बर्बाद हो जाएगी।
- एक भी नहर चलने की स्थिति में नहीं है।
- बारिश नहीं हुई तो उड़द, मूंग, तील का उत्पादन नहीं होगा।
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जिले की फसलों की स्थिति
फसल हैक्टेयर
मक्का 154606
ज्वार 28400
बाजरा 1560
मूंग 16667
उड़द 44991
तील 8460
मूंगफली 14449
ग्वार 6478
सोयाबीन6769
बीटी कपास 34219
चारा 48027
अन्य 7076
योग 371702