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Coronavirus: लैब टेक्नीशियन ने गाया गीत, हो जाओ तैयार साथियो

कर्मचारियों के पास साधन है ना ही पीपीई कीट

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Lab technician sang the song, Get ready together in bhilwara

Lab technician sang the song, Get ready together in bhilwara

भीलवाड़ा। देखो वीर जवानों अपनेए खून पे ये इल्जाम न आए। माँ ना कहे के मेरे बेटे, वक्त पड़ा तो काम न आए देखो वीर जवानों अपने...। हो जाओ तैयार साथियो, हो जाओ तैयार। अर्पित कर दो तन मन, धन। मांग रहा बलिदान वतन। इस तरह के देश भक्ति गीत गाकर अपने साथियों का दिल बहला रहे है।

लेकिन महात्मा गांधी चिकित्सालय के लैब टेक्नीशियन रोजाना अदृश्य दुश्मनों से भी जंग लड रहे है। कोरोना वायरस के संदिग्ध रोगियों के प्रतिदिन बिना किसी संसाधनों के सैम्पल लेने का काम कर रहे है। जबकि उन्हे इस बात भी जानकारी नहीं होती है कि जिस व्यक्ति का वे सैम्पल ले रहे है वह कोरोना वायरस संक्रमण का पॉजिटिव या नेगेटिव। फिर भी दिन रात मेहनत करने में लगे है।

खास बात तो यह है कि सैम्पल के काम में लगे कर्मचारियों को कोरोना वायरस से बचने के लिए किसी तरह की दवा तक नहीं दी जा रही है। हालांकि शनिवार को लाइन लगाकर कर्मचारियों को गोलिया दी जा रही थी। लेकिन लैब टेक्नीशियन लाइन में खड़ा होकर दवा लेने से इंकार कर दिया। क्योंकि जांच करवाने वाले रोगियों की संख्या कई अधिक थी। कर्मचारियों को पीपीई कीट भी गिनती के मिल रहे है। उसे एक बार ही पहन सकते है। करीब 24 कर्मचारी दिन रात 8-8 घंटे की ड्यूटी कर रहे है। मास्क व ग्लब तो सभी को मिल रहे है। लेकिन वो भी दिन भर रोगियों के सैम्पल लेते खराब हो जाते है।

एक लैब टेक्नीशियन ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नर्सिग ट्रेनिंग सेन्टर, जिला आरसीएचओ सहित अन्य डीआईसी सेन्टरों पर आ रहे मरीजों की जांच के लिए सैम्पल एकत्रित किए जा रहे है। यह सैम्पल जांच के लिए दोपहर 12 बजे तथा शाम 6 बजे बाद जयपुर जांच के लिए भेजे जा रहे है। सैम्पल भी कर्मचारी लेकर जाता है। इसके लिए सीएमएचओ सहित महात्मा गांधी चिकित्सालय के लैब टेक्नीशियन भी शामिल है। वे सभी अपनी जिन्दगी दाव पर लगा रहे है, लेकिन सुविधा कुछ भी नहीं मिल रही है। जबकि अभी सभी कर्मचारियों की छुट्टी तक निरस्त कर रखी है।

लैब टेक्नीशियन सबसे रिसक्की जोन में काम कर रहा है। क्योंकि वह सैम्पल लेने से पहले मरीज का मुहं तक खुलवाते है। लैब टेक्नीशियन की पीड़ा यह भी है कि वे दिन रात मेहनत करने के बाद मात्र ढाई हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है जबकि तीन दिन का वेतन भी काट रहे है। लैब टेक्नीशियन अब इस पीड़ा को एसोसिएशन के माध्यम से उठाएगा।