
सात सौ फीट की ऊंचाई पर मां दुर्गा का आसन
चित्तौड़गढ़ जिले का पहला नव दुर्गा मंदिर बिजयपुर गांव की पहाड़ी पर स्थित प्राचीन भूखी माता मंदिर स्थल पर निर्माणाधीन है। भूखी माता मंदिर स्थान पर जाने के लिए भामाशाह के सहयोग से पहाड़ी पर करीब 700 फीट तक सीढियों का निर्माण किया गया है। यह स्थल बारिश में भक्तों व पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केन्द्र रहता है। saat sau pheet kee oonchaee par maan duga ka aasan
पहाड़ी पर बनी सीढियों के पास ही नौ माता के मन्दिर बन रहे हैं, जिनमें अलग-अलग नौ देवी रूप की मूर्तियां स्थापित की जाएगी। सीढियों के ऊपर वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर छायादार डोम का शीघ्र ही निर्माण प्रारंभ हो जाएगा। अभी मंदिर पर जाने के लिए कच्चा रास्ता है। जिससे दुपहिया व चाैपहिया वाहनों के द्वारा भी जाया जा सकता है। बरसात के समय चारों तरफ हरियाली और पानी के चलते यह स्थान काफी रमणीय हो जाता है।
नव दुर्गा मंदिर का निर्माण भामाशाहों के सहयोग और बिजयपुर सरपंच श्यामलाल शर्मा की पहल पर हो रहा है। शर्मा बताते है कि सीढियों पर डोम का निर्माण होने के बाद इस वर्ष नवरात्रि में नव दुर्गा मंदिर में मूर्तियों की स्थापना की जाएगी। मूर्तियां किशनगढ़ से लाई जाएगी। यह मंदिर करीब 400 वर्ष पुराना है। मंदिर में नवरात्र महोत्सव में नौ ही दिन तक विशेष पूजा होती है।
मंदिर के दुर्गम रास्ते को दुरस्त करने के लिए सड़क निर्माण के लिए 3 किलोमीटर की सड़क बनेगी। जिसमें 2 करोड की राशि स्वीकृत हुई है। भूखी माता का मंदिर दो पहाड़ियों के बीच में बरसाती नाले पर स्थित है।पीछे की ओर एक एनीकट और झरना भी है, यहां प्रथम चढाई के लिए पांच सौ फीट की दूरी तथा दूसरे दौर की चढ़ाई के लिए दो सौ फीट की ऊंचाई में सीढ़ियां बनाई गई है।
Published on:
31 May 2023 04:58 pm
