
Grand confluence: Basant Panchami and Netaji's birth anniversary will be celebrated on the 23rd.
भीलवाड़ा जिले भर में शुक्रवार को आस्था, देशभक्ति और शिक्षा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। माघ शुक्ल पंचमी के अवसर पर जहां घर-घर और शिक्षण संस्थानों में विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना की जाएगी, वहीं आज़ाद हिंद फौज के प्रणेता नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 'पराक्रमदिवस' के रूप में मनाई जाएगी। विशेष संयोग यह है कि इसी दिन श्रीराधा श्याम सुंदर पंचमी का पर्व भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
शास्त्रों के अनुसार, बसंत पंचमी को कला और ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में पूजा जाता है। छात्र जीवन में इस दिन का विशेष महत्व है, जहां विद्यार्थी अपनी लेखनी, वाद्य यंत्रों और पुस्तकों का पूजन कर बुद्धि और विवेक का वरदान मांगते हैं। पंडित अशोक व्यास ने बताया कि ज्योतिष गणना के अनुसार पंचमी तिथि 22 जनवरी की मध्य रात्रि से प्रारंभ हो जाएगी।
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार शुक्रवार को जिले के समस्त सरकारी स्कूलों में उत्सव जैसा माहौल रहेगा। स्कूलों में तीन प्रमुख आयोजन एक साथ होंगे। अभिभावक और शिक्षकों के बीच मेगा पीटीएम के दौरान संवाद होगा ताकि विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार लाया जा सके। छोटे बच्चों की दक्षता प्रदर्शित करने के लिए निपुण मेला का आयोजन होगा। इसमें विशेष स्टॉल और गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए विशेष 'श्रीकृष्णभोग' का वितरण किया जाएगा। इसे लेकर संस्था प्रधानों ने तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। पंडित व्यास ने बताया कि इस जनवरी माह में कोई शुभ मुहुर्त तो नही है लेकिन बसंत पंचमी के लिए शादी समारोह के आयोजन भी होंगे।
Published on:
21 Jan 2026 09:38 am
बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
