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मकर संक्रांति: अमृत और सर्वार्थ सिद्धि योग में सूर्य का मकर प्रवेश

'मंदाकिनी' संक्रांति लाएगी खुशहाली, व्याघ्र पर सवार होकर आएगी संक्रांति

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Makar Sankranti: Sun enters Capricorn during Amrit and Sarvartha Siddhi Yoga.

Makar Sankranti: Sun enters Capricorn during Amrit and Sarvartha Siddhi Yoga.

इस बार सूर्यदेव के धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश का पर्व 'मकर संक्रांति' विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा लेकर आ रहा है। हालांकि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी को होगा, लेकिन धर्मशास्त्रों और ज्योतिषीय गणना के अनुसार दान-पुण्य, स्नान और पर्व का विशेष पुण्यकाल 15 जनवरी को मनाना ही शास्त्र सम्मत होगा। इस दिन अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि जैसे शुभ योगों का अनूठा संगम भी बन रहा है।

14 को मकर राशि में प्रवेश

पंडित अशोक व्यास के अनुसार, सूर्य 14 जनवरी बुधवार को दोपहर 3:06 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। चूंकि सूर्य का प्रवेश दोपहर के बाद हो रहा है, इसलिए पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसका पुण्यकाल अगले दिन सूर्योदय की साक्षी में 15 जनवरी को रहेगा। 14 जनवरी को षटतिला एकादशी का भी दुर्लभ संयोग है, जिससे भगवान विष्णु की आराधना का फल कई गुना बढ़ जाएगा।

'मंदाकिनी' नाम की संक्रांति, वर्षा ऋतु के अच्छे संकेत

इस बार संक्रांति बुधवार और अनुराधा नक्षत्र के संयोग में आ रही है, जिससे इस संक्रांति का नाम 'मंदाकिनी' रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंदाकिनी संक्रांति आगामी समय में अच्छी वर्षा ऋतु और कृषि के लिए समृद्धि का संकेत दे रही है।

व्याघ्र पर सवार होकर आएगी संक्रांति

इस बार संक्रांति का आगमन व्याघ्र (बाघ) वाहन पर हो रहा है। इसके फलितार्थ इस प्रकार हैं। भारतीय संस्कृति और परंपराओं का डंका पूरे विश्व में बजेगा। सरकार बाघ संरक्षण और नए क्षेत्रों में बाघों के पुनर्वास को लेकर नई और प्रभावी रणनीति बनाएगी। कहीं-कहीं वन्यजीवों की हानि के योग भी हैं, जिससे प्रशासन को सतर्क रहना होगा।

फरवरी से गूंजेंगी शहनाइयां

मकर संक्रांति के साथ ही उत्तरायण का क्रम तो शुरू हो जाएगा, लेकिन विवाह आदि मांगलिक कार्यों के लिए अभी इंतजार करना होगा। शुक्र तारा अस्त होने के कारण जनवरी में विवाह के मुहूर्त नहीं हैं। शुभ कार्यों की शुरुआत फरवरी माह से होगी।

गजक के बाजार में तेजी

मकर संक्रांति को लेकर शहर में जगह-जगह गजक व तिल के लड़्डू की दुकाने खुल गई है। हर चौराहे व मुख्य बाजार में गजक की दुकाने व थेले वाले खड़े नजर आने लगे हैं।