3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पहले आओ पुरानी किताबें पाओ के फार्मूले ने लगवाया दाखिले पर ब्रेक, पेरेंट्स नहीं करना चाहते जल्दबाजी

नया शिक्षण सत्र मंगलवार से शुरू होगा लेकिन जिले की सरकारी स्कूलों में नई किताबें नहीं पहुंची है
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भीलवाड़ा

•

image

Tej Narayan Sharma

•

Updated: 18 Jun 2018, 1:25 PM IST

School

New books not reached government schools in bhilwara

ओमप्रकाश शर्मा. भीलवाड़ा।

नया शिक्षण सत्र मंगलवार से शुरू होगा लेकिन जिले की सरकारी स्कूलों में नई किताबें नहीं पहुंची है। शिक्षा विभाग की धीमी रफ्तार से लगता है कि प्रवेशात्सव के प्रथम चरण की तरह दूसरे दौर में भी बच्चों को प्रवेश लेने पर पिछले साल चौथी से 12वीं कक्षा पास कर चुके बच्चों द्वारा जमा कराई फटी-पुरानी किताबों से ही पढ़ाई को मजबूर होना पड़ेगा।

READ: अगर सब कुछ ऐसा ही चलता रहा तो राजधानी समेत राजस्थान के कई शहर पीएंगे दूषित पानी


जिले की स्कूलों में प्रवेश के दौरान पहले आओ-पुरानी पुस्तकें पाओ के आधार पर बच्चों को प्रवेश दिलाने में अभिभावक जल्दबाजी नहीं करना चाहते है। हालांकि इससे स्कूल में बच्चों की उपस्थिति प्रभावित होगी। राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल से तय पुस्तकें बाजार में नहीं मिलती। लिहाजा विद्यार्थियों के पास विकल्प नहीं है। नवप्रवेशित बच्चों के हाथों में किताबें कब पहुंचेगी, जिम्मेदारों के पास जवाब नहीं है।

READ: राजस्थान के इस शहर के महत्वपूर्ण विभाग में 7 साल में आए 16 अफसर, कोई टिक न सका, अब भी मुखिया का इंतजार


इधर, वितरण केंद्र द्वारा समय पर ही राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल उदयपुर मुख्यालय को वर्ष 2018-19 के लिए 1 से 8 वीं तक 8 लाख 77,898 पुस्तकों तथा 9 से 12वीं तक करीब 5 लाख पुस्तकों की डिमांड भेर्जी थी। अमूमन मंडल से जिला मुख्यालय के पुस्तक वितरण केंद्र पर मार्च से अप्रेल के बीच किताबें पहुंच जाती है। अप्रेल अंत व मई के प्रथम सप्ताह तक 8वीं तक के बच्चों को किताबें बंट जाती है।

इस बार डिमांड के मुकाबले किताबें धीमी चाल से पहुंच रही है। कई कक्षाओं की कुछ विषय की किताबें आनी बाकी है। बीच में तीन चार दिन तक रूट चार्ट के अनुसार नोडल केंद्रों पर किताबें पहुंचाने का काम रोकना पड़ा। जिला वितरण केंद्र पर मार्च से किताबें आनी शुरू हुई थी, ये सिलसिला अभी तक जारी है।

8 ब्लॉक में बकाया
पाठ्यपुस्तक मंडल से वितरण केंद्र में पहले खेंप में पहुंची 8वीं तक की आधी-अधूरी नि:शुल्क पुस्तकों को रूट चार्ट बना पंचायत नोडल केंद्रों को भेजना शुरू कर दिया। प्रथम चरण में 8 जून तक दूसरे खेंप में आने वाली किताबों को केंद्र के कमरों में स्टॉक कर द्वितीय चरण में 9 से 23 जून तक पहुंचानी थी। सहाड़ा, शाहपुरा, रायपुर, कोटड़ी, हुरड़ा, बनेड़ा, सुवाणा व भीलवाड़ा ब्लॉक के नोडल केंद्रों पर नि:शुल्क किताबे अभी पहुंचाना शेष है।

नोडल केंद्रों पर सप्लाई 23 तक
किताबों की डिमांड समयानुसार मुख्यालय को भेज दी थी। कुछ किताबों की खेप दो दिन पहले ही आई है, सभी कक्षाओं की सभी विषयों की किताबें रूट चार्ट के आधार पर 23 जून तक प्रत्येक पंचायत नोडल केंद्रों पर पहुंचा दी जाएगी। जहां से स्कूलों में इसी माह वितरण कार्य शुरू हो जाएगा।
सतीशचंद्र शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक वितरण केंद्र, भीलवाड़ा।

बड़ी खबरें

View All

भीलवाड़ा

राजस्थान न्यूज़