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अब प्रदेश में अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर डिजिटल’ लगाम

वे-ब्रिज ऑटोमेशन और वीटीएस से होगी रियल-टाइम निगरानी; 20 अप्रेल तक 123 वे-ब्रिज होंगे लाइव
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 15 Apr 2026, 8:44 AM IST

Now, 'digital' control on illegal mining and overloading in the state

अब प्रदेश में अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर डिजिटल' लगाम

खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने प्रदेश में खनिज परिवहन को पारदर्शी बनाने और अवैध खनन पर सख्ती के लिए कमर कस ली है। विभाग ने ऑनलाइन परियोजना के तहत सभी वे-ब्रिज (धर्मकांटा) को ऑटोमेशन मोड पर लाने और वाहनों में वाहन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

निदेशालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार इस पूरी कवायद का उद्देश्य वे-ब्रिज पर होने वाली तौल प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को खत्म करना और खनिजों की वास्तविक स्थिति का डेटा सीधे पोर्टल पर अपडेट करना है।

दो चरणों में पूरा होगा लक्ष्य

अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद विभाग ने मिशन मोड पर काम शुरू कर दिया है। दूसरा चरण 20 अप्रेल तक 123 वे-ब्रिज पर हार्डवेयर स्थापित कर उन्हें अनिवार्य रूप से लाइव (ऑनबोर्ड) कर दिया जाएगा। तीसरा चरण 31 मई से शुरू होगा इसमें शेष 441 वे-ब्रिज को चरणबद्ध तरीके से ऑटोमेशन से जोड़ा जाएगा।

कैमरों से होगी वाहनों की फोटोग्राफी

एसओपी के अनुसार अब वे-ब्रिज पर वाहनों की फोटो लेने के लिए ऊंचे पोल पर कैमरे लगाए जाएंगे। इससे वाहन की वास्तविक पोजीशन और उसमें लदे खनिज की सटीक जानकारी मिल सकेगी। यह कदम विशेष रूप से फर्जी रवानगी और ओवरलोडिंग को रोकने के लिए उठाया गया है।

वाहन ट्रैकिंग सिस्टम का तुरंत होगा रजिस्ट्रेशन

खनिज परिवहन में लगे जिन वाहनों में पहले से ही वाहन ट्रैकिंग सिस्टम लगा हुआ है, उन्हें तुरंत विभागीय पोर्टल पर ऑनबोर्ड/रजिस्टर करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तकनीक के इस इस्तेमाल से न केवल राजस्व बढ़ेगा, बल्कि लीकेज पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।

खान निदेशक एमपी मीणा का कहना है कि वे-ब्रिज ऑटोमेशन और ऑनलाइन मॉनिटरिंग विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों और स्टेकहोल्डर्स पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। मीणा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए आईटी एक्सपर्ट्स और नवनियुक्त जियोलॉजिस्ट को तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए पाबंद किया गया है। किसी भी तकनीकी बाधा के लिए विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 7507435021 और 9839638907 जारी किए हैं।

भीलवाड़ा की स्थिति

भीलवाड़ा वृत में पहले चरण में 19 तथा दूसरे चरण में करीब 30 वे ब्रिज को तैयार कर लिए गए हैं। इनमें से 5 को ऑन लाइन करना है शेष का काम पूरा होकर ऑन लाइन हो चुके हैं। इसमें बडे़-बड़े खनन पट्टाधारी के अलावा अन्य लिज धारक शामिल हैं।

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