नगर विकास न्यास एवं नगर परिषद की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे है। जिला कलक्टर व निकायों की जनसुनवाई में राहत नहीं मिलने से अब आमजन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जनसुनवाई में पहुंचने लगे है। गहलोत ने गुरुवार को भीलवाड़ा सर्किट हाउस में जनसुनवाई की तो अधिकांश लोगों ने नगर विकास न्यास व नगर परिषद की कार्यशैली पर ही नाराजगी जताई।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दो दिवसीय भीलवाड़ा के दौरे पर रहे। अंतिम दिन गुरुवार को उन्होंने कांग्रेस के ांसंभावित दावेदारों का फीडबेक लिया , कुछेक के घर भी गए। इस दौरान उन्होंने सर्किट हाउस में 20 मिनट जन सुनवाई भी की।
गहलोत ने इस बार सबसे व्यक्तिगत मुलाकात की। सुनवाई के दौरान लोगों ने नगर विकास न्यास और नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाए। लोग बोले न्यास और परिषद के अफसरों को सुधारने की जरूरत है। काम नहीं करते हैं और चक्कर लगवाते हैं। इस पर सीएम ने नाराजगी जताई।
गहलोत ने जिला कलक्टर आशीष मोदी से जवाब मांगा। उन्होंने रिपोर्ट बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय भेजने को कहा। सीएम को खस्तहाल सड़कों की मरम्मत, निजी कॉलोनियों में चम्बल का पानी पहुंचाने, समाज को जमीन देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर लोगों ने ज्ञापन दिया।
जन सुनवाई के दौरान समाजों को जमीन आवंटित कराने की मांग लेकर लोगों ने ज्ञापन दिए। सीएम ने ज्ञापन पढ़े व कहा कि यह लंबी प्रक्रिया है। जल्द आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में वापस हमारी सरकार बनवाओ। जनता की शेष मांगों को पूरा करेंगे। उन्होंने एक बच्चे को गोद में लिया व दुलार किया।