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सीवरेज अब कस्बों में भी पहुंचेगी, बनने लगी डीपीआर

Now sewerage will reach even in towns, DPR started being made भीलवाड़ा जिले में भीलवाड़ा शहर के बाद अब नगर पालिका क्षेत्रों में सीवरेज (एफएसटीपी प्लांट) कार्य शुरू करने की तैयारी शुरू हो गई है। शाहपुरा व मांडलगढ़ नगर पालिका क्षेत्र की डीपीआर (विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार हो चुकी है

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Now sewerage will reach even in towns, DPR started being made

Now sewerage will reach even in towns, DPR started being made

सीवरेज अब कस्बों में भी पहुंचेगी, बनने लगी डीपीआर

भीलवाड़ा। जिले में भीलवाड़ा शहर के बाद अब नगर पालिका क्षेत्रों में सीवरेज (एफएसटीपी प्लांट) कार्य शुरू करने की तैयारी शुरू हो गई है। शाहपुरा व मांडलगढ़ नगर पालिका क्षेत्र की डीपीआर (विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार हो चुकी है, जबकि अन्य पालिकाओं को लेकर मशक्कत की जा रही है।

राज्य बजट वर्ष २०२०-२१ में राज्य सरकार ने जिले में गुलाबपुरा, आसीन्द व गुलाबपुरा नगर पालिका क्षेत्र में सीवरेज कार्य कराने की घोषणा की थी। इसी के तहत स्वायत्त शासन निकाय ने घोषणाओं पर काम करना शुरू कर दिया है। मांडलगढ़ नगर पालिका क्षेत्र की डीपीआर बन कर सरकार को मंजूरी के लिए भिजवा दी गई है। जबकि आसींद व गुलाबपुरा में संबधित एजेंसी डीपीआर बनवा रही है।

तीसरे चरण में जहाजपुर

राज्य सरकार ने बजट घोषणा में गुलाबपुरा, आसीन्द व गुलाबपुरा के लिए घोषणा की थी, लेकिन रूडीप ने द्वितीय चरण के लिए शाहपुरा व गंगापुर नगर पालिका क्षेत्र को भी चिंहित किया। ऐसे में तृतीय चरण में जहाजपुर नगर पालिका में भी काम हो सकेगा। सभी सीवरेज निर्माण कार्य फिलहाल रूडीप के अधीक्षण अभियंता सूर्यप्रकाश संचेती के देखरेख में होंगे।

घरों के सेफ्टी टैंक अब हो सकेंगे खाली

रूडीप के अधीक्षण अभियंता सूर्यप्रकाश संचेती ने बताया कि जिले में अभी भीलवाड़ा शहर में सीवरेज कार्य प्रगति पर है। नगरीय क्षेत्र में घरों में सेफ्टी टैंक होते है, लेकिन यहां से मलमूत्र की निकासी उचित तरीके से नहीं होने से घरों की नालियां में यह मल मूत्र बहता है। सरकार की योजना के तहत अब नगर पालिकाओं में नगरीय क्षेत्र में चिंहित स्थलों पर एफएसटीपी बनेंगे।

उन्होंने बताया कि योजना पर काम पूर्ण होने पर घरों के सेफ्टी टैंक, नगर पालिकाओं के टैंकर के जरिए एफएसटीपी प्लांट में खाली होंगे। इससे मल मूल का खाद बन सकेगा और दूषित पानी को शुद्ध कर उपयोग में लाया जा सकेगा।