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प्रवेशोत्सव 2026: भीलवाड़ा में नए बच्चों का चिन्हीकरण, सघन संपर्क का अंतिम चरण

शिक्षा से कोई न रहे वंचित: पिछले वर्ष के आंकड़े को पीछे छोड़ा, भीलवाड़ा में हजारों नए नामांकन

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Praveshotsav 2026: Identification of new children in Bhilwara, final phase of intensive contact

प्रवेशोत्सव 2026: भीलवाड़ा में नए बच्चों का चिन्हीकरण, सघन संपर्क का अंतिम चरण

शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने और हर बच्चे के भविष्य को सशक्त बनाने के संकल्प के साथ प्रदेशभर में चल रहे प्रवेशोत्सव 2026 ने शानदार सफलता हासिल की है। शिक्षा विभाग के सघन घर-घर संपर्क अभियान के तहत अब तक प्रदेश में 2.20 लाख से अधिक ड्रॉप-आउट और अनामांकित बच्चों का चिन्हीकरण किया जा चुका है। तीन सफल चरणों के बाद, अब इस महाभियान का अंतिम चरण बुधवार 15 अप्रेल से शुरू होने जा रहा है, ताकि शत-प्रतिशत लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

पिछले साल के मुकाबले जबर्दस्त वृदि्ध

अभियान के तहत 27 मार्च, 7 अप्रेल और 10 अप्रेल को तीन चरण सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। इन चरणों में ही विभाग ने पिछले साल के कुल 1.25 लाख चिन्हीकरण के आंकड़े को काफी पीछे छोड़ दिया है। इस वर्ष 3 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। भीलवाड़ा जिले में भी अच्छा प्रयास किया गया है।

अभियान की प्रमुख झलकियां

  • अंतिम चरण आज से: 15 अप्रेल से शुरू हो रहे अंतिम चरण में हर उस घर तक पहुंचने की कोशिश है, जो अब तक छूट गया है।
  • संयुक्त प्रयास: शिक्षकों के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय टीमों का मजबूत नेटवर्क मैदान में उतरा हुआ है।
  • मिशन सशक्तिकरण: यह अभियान केवल स्कूल में नाम दर्ज कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को मुख्यधारा से जोड़कर उनके भविष्य को संवारने का एक बड़ा संकल्प है।

भीलवाड़ा में शिक्षकों ने झोंकी ताकत

जिले में भी प्रवेशोत्सव को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक नामांकन का लक्ष्य दिया गया था। इसे पूरा करने के लिए जिले के सभी शिक्षक पूरी लगन के साथ घर-घर सर्वे कर रहे हैं। इसी मेहनत का परिणाम है कि भीलवाड़ा जिले में भी हजारों की संख्या में नए बच्चों का आंकड़ा बढ़ा है।

हर संभव प्रयास जारी

शिक्षक पूरी निष्ठा के साथ घर-घर जाकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का काम कर रहे हैं। इसी सघन जनसम्पर्क का परिणाम है कि पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष नामांकन में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हमारा प्रयास है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

- राजेन्द्र गग्गड़, जिला शिक्षा अधिकारी, भीलवाड़ा