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पंचायतें हुई नाकाम तो आगे आए युवा, कमेटियां बना पिला रहे जनता को जल

ग्राम पंचायतों को सुपुर्द जनता जल योजना दर्दशा का शिकार बनती जा रही है

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ग्राम पंचायतों को सुपुर्द जनता जल योजना दर्दशा का शिकार बनती जा रही है। बिजली बिलों का समय पर भुगतान नहीं होने से एक दर्जन गांवों में योजना के कनेक्शन कटने की नौबत आ गई

भीलवाड़ा।
ग्राम पंचायतों को सुपुर्द जनता जल योजना दर्दशा का शिकार बनती जा रही है। बिजली बिलों का समय पर भुगतान नहीं होने से एक दर्जन गांवों में योजना के कनेक्शन कटने की नौबत आ गई। लेकिन इस अव्यवस्ड्डथा के बीच भी कुछ पंचायतें ऐसी भी है, जहां युवा अपने स्तर पर इनका संचालन कर रहे हैं।

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बिजली के बिल की राशि हर घर से ली जाती है। कोई राशि देने में आना-कानी करता है तो उसे गांव के बुजुर्ग समझा-बुझा राशि लेते हैं। कई बार मंदिर में बैठकर फैसला लेना पड़ता है। जनता जल योजना पहले पीएचईडी के जिम्मे थी। पिछली सरकार ने संचालन पंचायतों को दे दिया था। इसके बाद परेशानी शुुरू हुई। रखरखाव नहीं होने से जलापूर्ति का ढांचा गड़बड़ा गया।

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यहां शुरू हुई पहल
इस अव्यवस्था के बीच जिले में कुछ जगहों पर युवकों ने पहल की। उन्होंने जनता जल योजना को अपने हाथ में लिया और गांव की जलापूर्ति व्यवस्था बिगडऩे नहीं दी। एेसा ही एक गांव कोटड़ी पंचायत समिति का श्रीनगर गांव है। यहां जनता जल योजना में 90 से 100 कनेक्शन है। ग्राम पंचायत से मदद नहीं मिलने पर 15 साल पहले गांव के ही युवाओं ने इसके संचालन तथा गांव के हर घर से राशि एकत्रित करने का निर्णय किया।

गांव के प्रकाश सुथार ने बताया कि श्रीनगर पेयजल योजना समिति के नाम से समिति का गठन किया। इसका अध्यक्ष गांव के युवाओं ने उसे (प्रकाश सुथार) को ही बनाया। समिति के संरक्षक जगदीश गाडरी, सचिव सांवरमल वैष्णव तथा कोषाध्यक्ष भगवान लाल गाडरी सहित 15 जनों को शामिल किया गया। प्रकाश ने बताया कि इस योजना का दो माह में 10 से 11 हजार का बिल आता है। इसके आधार पर बिल राशि को बराबर हिस्से में बांट देते है, लेकिन हर घर से दो माह में 150 रुपए की राशि ली जा रही है। इसके लिए सभी को पास बुक दे रखी है।


पैसे नहीं दिए तो बुलाते मंदिर में बैठक
यदि कोई परिवार पेयजल को लेकर राशि नहीं देता है तो कुछ माह तक समिति उसका इंतजार करती है। फिर भी राशि नहीं मिलने पर गांव के चारभुजा मंदिर में वरिष्ठ लोगों के सानिध्य में बैठक बुलाते है। जो राशि नहीं देता है उसे मंदिर बुलाकर समझाते है।


100 घरों को आपूर्ति
गोकुलपुरा में भी युवाओं की समिति हर घर से राशि लेकर बिजली का बिल जमा कराती है। 100 घरों में इससे कनेक्शन दे रखे है। यहां बिजली बिल ज्यादा आता है क्योंकि पेयजल लाइन कोदूकोटा से दे रखी है।
हिम्मत सुवालका, सरपंच कोदूकोटा पंचायत