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राजस्व मंत्री चौधरी ने जाना अपना व सरकार का भविष्य

राजस्व मंत्री हरीश चौधरी भीलवाड़ा ने बुधवार को कारोही में सरकार व अपना राजनीतिक भविष्य जाना। उदयपुर से भीलवाड़ा आते वक्त उन्होंने कारोही में पंडित ओमप्रकाश व्यास से मुलाकात की। यहां उन्होंने पंडित व्यास से करीब एक घंटे चर्चा की। इस दौरान प्रदेश के विकास में राज्य सरकार की भूमिका और उनके राजनीतिक कै रियर के साथ ही विभिन्न मसलों को लेकर सवाल भी पूछे।

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Revenue Minister Chaudhary knows his and future of government

Revenue Minister Chaudhary knows his and future of government

भीलवाड़ा। राजस्व मंत्री हरीश चौधरी भीलवाड़ा ने बुधवार को कारोही में सरकार व अपना राजनीतिक भविष्य जाना। उदयपुर से भीलवाड़ा आते वक्त उन्होंने कारोही में पंडित ओमप्रकाश व्यास से मुलाकात की। यहां उन्होंने पंडित व्यास से करीब एक घंटे चर्चा की। इस दौरान प्रदेश के विकास में राज्य सरकार की भूमिका और उनके राजनीतिक कै रियर के साथ ही विभिन्न मसलों को लेकर सवाल भी पूछे।

कारोही में पंडित से भगृसंहिता पर चर्चा के बाद उन्होंने भीलवाड़ा पहुंच कर राजस्व अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने यहां स्पष्ट कहा कि प्रदेश में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजस्वकर्मी अपने मूल कार्य पर ध्यान दें तथा धारा 91 के तहत शक्तियों का पूरा इस्तेमाल करें। राजस्व कार्य को और गति मिलें, इसके लिए ३७५० पटवारी जल्द भर्ती किए जाएंगे। मांडल विधायक रामलाल जाट भी मौजूद थे।

पटवारियों की होगी नई भर्ती
चौधरी ने कहा कि पटवारियों की नई भर्ती के साथ पटवारी से राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति भी की जा रही है। वरिष्ठ राजस्व निरीक्षकों से नायब तहसीलदार के शत-प्रतिशत पद भरे जाएंगे। विभाग में पद रिक्त है, फि र भी हमें लक्ष्य हासिल करने हैं। राजस्व मंत्री ने कहा कि लोगों में विश्वसनीयता कायम करना बड़ी जिम्मेदारी है। देरी से मिला न्याय, न्याय नहीं होता इसीलिए अपनी सोच बदलें। राजस्थान में उत्तरप्रदेश से भी ज्यादा राजस्व वाद लंबित हैं। राजस्वकर्मी अपने मूल कार्य प्राथमिकता से करें तथा ऐसी व्यवस्था करें कि प्राथमिक स्तर पर कमियां सुधारी जा सके।

नियमों का दुरुपयोग न हो
राजस्व प्रकरणों पर स्टे प्रक्रिया पर भी विचार करना होगा। नियमों का दुरुपयोग न हो परन्तु धारा 91 में दण्ड का प्रावधान है। इसका उपयोग नहीं कर उसे रिवार्ड बना दिया गया है। विवाद में नहीं पडऩे की मानसिकता बदलनी होगी।उन्होंने कहा कि राजस्व रेकार्ड का डिजिटाईजेशन पूर्ण किया जाएगा ताकि सकारात्मक नतीजे मिले। सर्वे एवं री-सर्वे प्रक्रिया समझें एवं क्रियान्वयन में लोगों को मूल भावना बताएं। प्रकरणों पर तत्काल कार्रवाई करें व मामले पैंडिंग न रखें। राजस्व नियमों में बदलाव के लिए जरूरी सुझाव भी दें। ऑनलाईन म्यूटेशन की शुरुआत चौमू से हो चुकी। जिला कलक्टर राजेन्द्र भट्ट ने जिले के राजस्व मामलों की प्रगति से अवगत कराया। डिजिटाईजेशन में भीलवाडा पांचवें स्थान पर है।

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