
मांडलगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लैब टेक्नीशियन की हड़ताल ने बढाई परेशानी बढ़ी रोगियों की संख्या
मांडलगढ़।
क्षेत्र में मौसमी बीमारियों के बढ़ते प्रकोप के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रोगियों की काफी भीड़ बढ़ गई है। घंटों इंतजार के बाद भी लोगों को आउटडोर में उपचार करवाना मुश्किल हो रहा है। सुबह से ही रोगियों को चिकित्सालय पहुंचकर कतार में खड़े हो जाते हैं। क्षेत्र में विधायक कीर्ति कुमारी के स्वाइन फ्लू से मृत्यु होने के बाद लोगों में एक दो दिन बीमार होने से ही स्वाइन फ्लू का भय सताने लगा है। जिसके कारण चिकित्सकों से उपचार करवाने में अधिक जागरुकता आई है।
पूर्व में झोलाछापों के भरोसे ही होगी उपचार करवा रहे थे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक उद्योग के समय में करीब 600 से 700 मरीज उपचार के लिए पर्चे ले रहे हैं। दूसरी तरफ लैब टेक्निशियन कर्मचारियों द्वारा तीन दिवस के लिए सामूहिक अवकाश पर चले जाने से डॉक्टरों को रोगियों की बीमारियां जांचें करवाने में भी मुश्किल हो गई है। जहां समय पर नहीं होने के कारण मरीजों को निश्चित बीमारी का उपचार नहीं मिल पा रहा है। लैब टेक्नीशियन कर्मचारी 72 घंटे के पश्चात 10 सितंबर को कार्य पर लौटने की संभावना है। वे लगातार अपनी मांगे मनवाने के लिए बीच-बीच में सामूहिक अवकाश एवं कार्य बहिष्कार जैसे कदम उठा चुके हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बालों में भी मरीजों को लेट आने के लिए जगह नहीं बची है। सारे बेड मरीजो से भरे पड़े हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर गोपाल यादव ने बताया कि मरीजों को समय पर उपचार देने के लिए व्यवस्थाएं की जा रही है। समय पर दवाइयां एवं अन्य सुविधाएं प्रदान करने को सदैव तत्पर है। उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर दवाइयों का अग्रिम स्टॉप करवाने की भी मांग कर चुके हैं। उसमें बीमारियों का प्रकोप के चलते मरीजों की भीड़ बढी है। स्वाइन फ्लू जैसे बीमारी के अभी तक मांडलगढ़ व आस पास कोई रोगी नहीं मिले हैं। फिर भी एहतियात के तौर पर अधिक समय तक बीमार रहने वाले मरीजों की स्वाइन फ्लू जांच करवाने का सुझाव दिया जा रहा है।
Published on:
08 Sept 2017 12:10 pm

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