
Service, sacrifice and virtue role of Maheshwari society in bhilwara
भीलवाड़ा .
भीलवाड़ा जिले में हर क्षेत्र में अपनी अहम भूमिका निभाने वाला माहेश्वरी समाज ने कोरोना काल में सेवा, त्याग व सदाचार के नियमों पालना करते हुए अपने अहम भूमिका निभाई है। माहेश्वरी समाज के हर संगठन ने इस दो माह के लॉकडाउन में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से करीब चार करोड़़ रुपए से अधिक की सहायता करने के अलावा माहेश्वरी समाज ने अपने सामाजिक भवन क्वारंटीन सेंटर के लिए जिला प्रशासन को सौंप दिया। खाद्य सामग्री, मास्क, सेनेटाइजर इत्यादि के वितरण में भी यह समाज पीछे नहीं रहा। कोरोनाकाल में माहेश्वरी समाज ने भी सेवाभाव में अपना इतिहास दर्ज कराया है। राजस्थान पत्रिका की ओर से शुक्रवार को माहेश्वरी समाज के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ कोरोना काल को लेकर वेबिनार आयोजित की गई।
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लॉक डाउन की वजह से व्यापार धंधा व नौकरी पैशा वालो को पटरी पर आने के लिए 2 से 3 माह तक का समय लगेंगा। इस कारण अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहयोग करने के लिए एक फॉर्म तैयार किया है। इसे ऑनलाइन भरकर भेजना है। समाज की ओर से ऑनलाइन मदद की जाएगी
केदार जागेटिया, अध्यक्ष श्रीनगर माहेश्वरी सभा
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समाज ने कोरोना काल में कई काम किए है। लॉकडाउन के चलते ३१ मई को महेश नवमी पर्व मनाना संभव नहीं है। समाज के लोग घर में दीप जलाकर, रंगोली बनाकर, चौराहे या सर्किल पर दीप प्रज्वलन कर, ऑनलाइन प्रतियोगितो में भाग लेकर महेश नवमी का पर्व मनाएं।
राधेश्याम सोमानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीनगर माहेश्वरी सभा (पार्षद)
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कोरोना योद्धाओं ने खुद को स्वस्थ रखकर औरों को भी स्वस्थ करने में पूरी मदद की है। क्योंकि प्रथम व द्वितीय लोक डाउन में कोरोना के प्रति काफी खौफ नजर आ रहा था। इस दौरान मेडिकल, पुलिस, समाजसेवी, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं राशन की दुकान वालों ने लोगों को कोरोना के खतरे को देखते हुए भी अपनी सेवाएं दी
महावीर समदानी, उपाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी श्रीनगर माहेश्वरी सभा
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देश विदेश में कोरोना महामारी के बाद लॉकडाउन के कारण संक्रमण कम फैलने से कोरोना कंट्रोल में रहा लेकिन गतिविधियां सामान्य होने से अब संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ गया है। इसके लिए दूरी एवं चेहरे पर मास्क लगाकर भीड़भाड़ वाले इलाके से दूर रहकर सावधानी बरतें।
कैलाश सोनी, प्रवक्ता भाजपा
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कोरोना के दौरान माहेश्वरी सभा की ओर से १५५ लोगों के घर-घर जाकर खाद्य सामग्री पहुंचाने का काम किया। इस कार्य में शिक्षक मधुसुदन बागला का सहयोग रहा। इस दौरान सरकारी कर्मचारियों ने भी मन से पूरी मेहनत से इस आपदा में सेवाएं दी।
देवेन्द्र सोमानी, जिलामंत्री जिला माहेश्वरी सभा
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लॉकडाउन के दौरान समाज व गैर समाज के छोटे तबके के लोगों व व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है। समाज ने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से करीब ४ करोड़ की सहायता मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री सहायता कोष में की है। करीब ११६ यूनिट प्रथम लॉकडाइन के दौरान किया।
अतुल राठी, मंत्री श्री नगर माहेश्वरी सभा
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सरकार ने कोरोना के दौरान जो राहत पैकेज की घोषणा की है उससे छोटे उद्यमियों को राहत मिलेगी। आर्थिक सहायता की जगह ऋण की व्यवस्था अच्छी है। इससे व्यापारी अपनी आवश्यकता की पूर्ति कर समय रहते ऋण चुका सकेगा। आत्म निर्भर देश बने इसके लिए लाकल यानी स्थानीय उत्पाद को महत्व दिया है। यह अच्छा है।
महेन्द्र काकाणी, संयुक्त मंत्री जिला माहेश्वरी सभा
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दो माह से लॉकडाउन के दौरान बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा देना ही एक मात्र विकल्प है। ऑनलाइन क्लासेज से परेशानी आ रही है लेकिन वह समय के साथ दूर हो जाएगी। सरकार ने इसके लिए चैनल भी हायर कर लिए है। लेकिन कक्षा में बैठकर जो अध्ययन होता है वह ऑनलाइन में नहीं हो सकती है। ऐसे में स्कूल जल्द से जल्द शुरू होने चाहिए।
एसएन मून्दड़ा
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कोरोना महामारी के बाद समाज में कई तरह के सकारात्मक बदलाव भी है। यह समय की मांग हैए लेकिन परिवर्तन नियमित रूप से रहेंगे तभी इसका फायदा मिलेगा। महज दिखावे में शादियां और समारोह खर्चीले हो गए। अब ऐसे खर्चों पर रोक लगाने के लिए हमें आगे आना चाहिए।
भारती बाहेती, अध्यक्ष माहेश्वरी महिला संगठन
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जरूरतमंदों को खाद्यान वितरण हो या चिकित्साकर्मियों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराना, सभी जगह सहयोग कर रहे हैं। समाज के माध्यम से भी सेवा में जुटे हुए हैं। महामारी से पूरी दुनिया त्रस्त है। महामारियां तो पहले भी आई, लेकिन कोराना जैसी कभी नहीं।
रीना डाड, नगर मंत्री माहेश्वरी महिला संगठन
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माहेश्वरी समाज ने भरपुर सहयोग किया है। जरूरतमंदों की मदद करना हो चाहे जिला प्रशासन का सहयोगए समाज ने कोई कमी नहीं रखी। कोरोना महामारी के दौर में हमारी पुरातन संस्कृति भी जीवंत हुई है। बच्चों को कई तरह से संस्कार सीखने को मिले। परिवार का मूल्य समझ आया।
राजेश बाहेती, जिला उपाध्यक्ष माहेश्वरी जिला सभा
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लॉकडाउन का समय कई मायनों में अच्छा भी निकला। परिवार के साथ समय बिताया। समाज की सेवा का अवसर भी मिला। माहेश्वरी समाज ने जहां भी जरूरत पड़ी, बिना किसी दिखावा किए जरूरतमंदों की सेवा की है। संक्रमण से बचाव के लिए खाद्य और मास्क का वितरण किया।
सुरेश कचौलिया, कोषाध्यक्ष दक्षिणी राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा
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माहेश्वरी समाज सेवा कार्यों में कभी पीछे नहीं रहता। जब भी आवश्यकता होती है समाज पूरा सहयोग करता है। कोरोना महामारी के दौरान भी समाज भवन क्वारंटीन सेंटर के लिए जिला प्रशासन को सौंपा गया। इसके अलावा भी कई संस्थाओं में समाज के व्यक्तियों ने बढ़चढ़ कर योगदान दिया।
कैलाश कोठारी, अध्यक्ष दक्षिणी राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा
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वर्क फॉर्म होम एक अच्छा संकेत है। यह कार्य निजी क्षेत्र में तो हो सकता है, लेकिम सरकारी मशीनरी या विभागों में होना असंभव है। क्योंकि कई काम केवल फिल्ड के होते जो बिना जाए संभव नहीं है। योजनाओं को ऑनलाइन किया जा सकता है। बन्द पड़े उद्योगों को चलाना चाहिए।
सत्येन्द्र बिड़ला, मंत्री दक्षिणी राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा
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मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए सरकार भोजन व आवास की व्यवस्था करती तो पलायन नहीं होता है। अब मजदूरों को वापस बुलाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। आज उद्योगों में ३५० श्रमिक के स्थान पर मात्र ५० लोग ही काम कर रहे है। ऐसे में उद्योग चलाना मुश्किल होगा।
दीनदयाल मारू, जिलाध्यक्ष जिला माहेश्वरी सभा
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लॉकडाउन को समाजसेवा के लिए समर्पित किया। विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर दो माह से सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं। सामाजिक रूप से भी भरपुर मदद की है। समाज के भवन क्वारंटीन सेंटर के लिए दिया है। इसके अलावा व्यक्तिगत रूप से भी समाज के सभी बंधु हरसंभव मदद के लिए तैयार रहते हैं।
राधेश्याम चेचानी, पूर्व अध्यक्ष महेश सेवा समिति
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मानवता की सेवा में सभी को बढ़चढ़ कर भागीदारी निभानी चाहिए। यह हमारा परम दायित्व है। कोरोना जैसी महामारी में यह सिद्ध किया है। सभी समाज सेवा में जुटे हुए हैं। माहेश्वरी समाज के लोगों ने भी समय-समय पर अपनी भागीदारी निभाई है। कोरोना को एकजुटता से ही हराएंगे।
राजेन्द्र कचौलिया, सचिव महेश सेवा समिति
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कोरोना काल में संयुक्त परिवार के रूप में रहे। इससे परिवार वाद बढ़ा है। शादी समारोह की वर्तमान व्यवस्था को आगे भी अपनाना चाहिए ताकि मध्यम परिवार में कम खर्च में अच्ची शादी हो सके। लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन चिकित्सा सहायता भी दी गई।
राधेश्याम सोमानी, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष दक्षिणी राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा
Published on:
31 May 2020 09:22 am
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