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विकसित ग्राम अभियान को झटका: वीडीओ का काम थोपने पर कनिष्ठ सहायकों का प्रदेशव्यापी बहिष्कार

- पंचायत राज विभाग से कार्य विभाजन और कैडर रिव्यू की मांग

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Setback for 'Vikasit Gram Abhiyan': State-wide Boycott by Junior Assistants Over Imposition of VDO Duties

विकसित ग्राम अभियान को झटका: वीडीओ का काम थोपने पर कनिष्ठ सहायकों का प्रदेशव्यापी बहिष्कार

मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान के तहत शुक्रवार से होने वाली ग्राम सभाओं के आयोजन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम विकास अधिकारियों के स्थान पर कनिष्ठ सहायकों से ग्राम सभाएं आयोजित करवाने के ब्लॉक विकास अधिकारियों के आदेशों का पूरे राजस्थान में कड़ा विरोध शुरू हो गया है। प्रदेशभर के कनिष्ठ सहायकों ने इन आदेशों का बहिष्कार कर दिया है। इससे सरकार के इस महत्वपूर्ण जन-अभियान की शुरुआत में ही प्रशासनिक खींचतान सामने आ गई है।

मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष शोभा लाल तेली ने बताया कि ग्राम सभा का आयोजन मूल रूप से ग्राम विकास अधिकारी का पदीय दायित्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी सरकार की कोई विशेष योजना आती है, तो वीडीओ संवर्ग की ओर से कार्य का बहिष्कार कर दिया जाता है। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी दबाव में आकर उनके हिस्से का सारा काम कनिष्ठ सहायकों पर थोप देते हैं, जो कि पूरी तरह से अनुचित और अव्यवहारिक है। जिला संगठन मंत्री कन्हैया लाल कुमावत ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंचायती राज विभाग का ध्यानाकर्षण कराने के बावजूद मंत्रालयिक कर्मचारियों का न तो कैडर रिव्यू किया जा रहा है और न ही ग्राम पंचायत स्तर पर कोई स्पष्ट कार्य विभाजन किया गया है। मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान की राज्य स्तरीय गाइडलाइन में भी कनिष्ठ सहायकों के लिए कोई जिम्मेदारी निर्धारित नहीं है। ऐसे में जिला और खंड स्तर पर अधिकारियों की ओर से मनमर्जी से ड्यूटी लगाना गलत है।

संगठन ने मांग की है कि पंचायती राज विभाग को ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत वीडीओ और मंत्रालयिक संवर्ग के बीच कार्य विभाजन और जिम्मेदारी का स्पष्ट निर्धारण करना चाहिए, ताकि एक के बहिष्कार की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था सुचारू रह सके। कर्मचारियों ने कहा कि यदि भविष्य में राज्य सरकार की ओर से जिम्मेदारी निर्धारित किए बिना इस तरह के कार्य थोपे गए, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर योगेश विजयवर्गीय, प्रमोद जैन, भानु प्रकाश प्रजापति, मनोज कुमार, भेरू लाल, जय किशन, पिंटू टेलर, कृष्ण गोपाल छापरवाल और सुमन टेलर मौजूद रहे। संगठन ने मांग की है कि पंचायती राज विभाग को ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत वीडीओ और मंत्रालयिक संवर्ग के बीच कार्य विभाजन और जिम्मेदारी का स्पष्ट निर्धारण करना चाहिए, ताकि एक के बहिष्कार की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था सुचारू रह सके। इस अवसर पर योगेश विजयवर्गीय, प्रमोद जैन, भानु प्रकाश प्रजापति, मनोज कुमार, भेरू लाल, जय किशन, पिंटू टेलर, कृष्ण गोपाल छापरवाल और सुमन टेलर मौजूद रहे।