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शक्ति साधना: राष्ट्र सेविका समिति का सात दिवसीय शिक्षा वर्ग शुरू, हवन के साथ शंखनाद

- 150 से अधिक बहनें ले रही हैं प्रशिक्षण - सुदृढ़ व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण का संकल्प

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The seven-day training camp of Rashtra Sevika Samiti has begun.

The seven-day training camp of Rashtra Sevika Samiti has begun.

शास्त्रीनगर स्थित आदर्श विद्या मंदिर में राष्ट्र सेविका समिति के सात दिवसीय 'प्रारंभिक शिक्षा वर्ग' की शुरुआत हुई। शीतकालीन अवकाश के उपलक्ष्य में आयोजित इस वर्ग में संभागभर से आई 150 से अधिक तरुणियां और महिलाएं शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक प्रशिक्षण के माध्यम से राष्ट्र सेवा का संकल्प ले रही हैं। शुक्रवार सुबह मंत्रोच्चार और विधि-विधान से किए गए हवन-पूजन के साथ वर्ग का औपचारिक आरंभ हुआ। इस दौरान वातावरण राष्ट्रभक्ति के जयघोष से गुंजायमान रहा। प्रांत बौद्धिक प्रमुख सुशीला पारीक ने वर्ग की प्रस्तावना रखते हुए प्रशिक्षण की रूपरेखा स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षणार्थी बहनों की दिनचर्या अलसुबह जागरण से शुरू होकर रात 10 बजे तक चलेगी। इस दौरान योग, व्यायाम और नियुद्ध जैसे शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ देश की वर्तमान परिस्थितियों पर बौद्धिक विमर्श भी किया जाएगा।

अंतर्निहित शक्तियों को पहचानें तरुणियां

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कांता हुरकट ने शिक्षार्थियों से कहा कि यह वर्ग केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि स्वयं को गढ़ने की एक प्रक्रिया है। उन्होंने आह्वान किया कि युवतियां अपनी अंतर्निहित शक्तियों को पहचानें और एक सुदृढ़ व्यक्तित्व के साथ श्रेष्ठ भारत के निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित करें। विभाग कार्यवाहिका एवं वर्ग अधिकारी मनीषा जाजू ने संगठन का परिचय देते हुए बताया कि राष्ट्र सेविका समिति विश्व का सबसे बड़ा महिला संगठन है। इसका ध्येय मातृशक्ति को संगठित कर उन्हें राष्ट्रहित के कार्यों के लिए तैयार करना है। प्रांत तरुणी प्रमुख कीर्ति सोलंकी सहित संगठन की अनेक पदाधिकारी, प्रबंधिकाएं और शिक्षिकाएं इस सात दिवसीय साधना में सहभागी बन रही हैं। यह वर्ग 31 दिसंबर तक जारी रहेगा, जिसमें सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जाएगा।