
14 से फिर गूंजेगी शहनाई
भीलवाड़ा।
देवउठनी एकादशी इस बार दो दिन 14 व 15 नवंबर को मनाई जाएगी। 14 नवंबर को अबूझ मुहूर्त के साथ ही सर्वार्थ सिद्धि व हर्षण योग है और पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र भी है। इस दिन बिना मुहूर्त के विवाह हो सकेंगे। शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु चार महीने बाद योग निद्रा से जागेंगे, इसलिए इस दिन से शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। पंचांगों के अनुसार 2021 में देवप्रबोधिनी एकादशी के बाद नवंबर माह में पांच और दिसंबर में चार दिन यानी कुल नौ दिन विवाह के शुभ मुहूर्त हैं।
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि देवोत्थान एकादशी दो दिन 14 और 15 नवंबर को है। 14 नवंबर को एकादशी है। वैष्णव मतानुसार सूर्योदय कालीन एकादशी 15 नवंबर सोमवार को है। 14 नवंबर को एकादशी सुबह 5.48 बजे प्रारंभ होगी। 15 नवंबर को सुबह 6.39 बजे तक एकादशी है। उसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। देवप्रबोधिनी एकादशी पर तुलसी विवाह किया जाएगा।
मैरिज गार्डन व होटलों की बुकिंग
कोरोना काल के कारण पिछले वर्ष कई शादियां नहीं हो पाई थीं और शादियां हुई भी थी तो आयोजन नहीं हो पाए थे। कई लोगों ने घर पर छोटे आयोजन कर लिए थे। अब बुकिंग पहले से काफी बेहतर है। शुभ मुहूर्त की जितनी भी तारीखें हैं होटल और मैरिज गार्डन की करीब-करीब सभी तारीख बुक हो चुकी हैं। कोरोना गाइडलाइन के अनुसार अभी शादी समारोह में २०० लोगों के शामिल होने की छूट है।
Published on:
07 Nov 2021 10:06 am
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