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आरजीएचएस कार्ड दिखाने पर मिलेगी डाक्टर की पर्ची व भंडार से दवा

एक नवंबर से लागू होगी नई व्यवस्था

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आरजीएचएस कार्ड दिखाने पर मिलेगी डाक्टर की पर्ची व भंडार से दवा

आरजीएचएस कार्ड दिखाने पर मिलेगी डाक्टर की पर्ची व भंडार से दवा

भीलवाड़ा।
जिले के 12 हजार 500 से अधिक पेंशनर्स को 31 अक्टूबर से मेडिकल डायरी से दवाएं मिलना बंद हो जाएंगी। एक नवंबर से सरकार आरजीएचएस स्कीम लागू करने जा रही है। उसके माध्यम से ही दवा व पर्ची मिल सकेगी। पेंशनर की मेडिकल डायरी बंद होकर राजस्थान सरकार हेल्थ योजना शुरू होगी। इसलिए सभी पेंशनरों को इस योजना में रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है।
क्या करना है रजिस्ट्रेशन के लिए
योजना के तहत लाभ पाने के लिए आरजीएचएस रजिस्ट्रेशन के लिए जनआधार, भामाशाह कार्ड का होना आवश्यक है। इसलिए जिसके कार्ड नहीं बने हैं उन्हें पहले जन आधार बनवा कर आरजीएचएस में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। यदि पेंशनर की पत्नी का निधन हो गया हो तो जन आधार उसके नाम से बन सकता है। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज राशन कार्ड, पेंशनर व पत्नी की फोटो, दोनों के आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पीपीओ व मोबाईल (ओटीपी के लिए) जरूरी है। पेंशनर्स चाहे तो आरजीएचएस की साइट पर जाकर खुद ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन कर सकता है या किसी भी ई-मित्र पर यह दस्तावेज ले जाकर रजिस्ट्रेशन करवा सकता है।
दूसरा चरण एक नवंबर से लागू
सरकार की ओर से 15 जुलाई को पहला चरण लागू करते हुए मेडिकल डायरी से इंडोर की सुविधा बंद कर उसे आरजीएचएस से जोड़ा गया। वहीं दूसरे चरण में अब आउटडोर की सुविधा भी 31 अक्टूबर से आरजीएचएस कार्ड के माध्यम से मिलेगी। लाभार्थी परिवारों को इनडोर, आउटडोर व जांचों की कैश लेस चिकित्सा सुविधा सभी राजकीय चिकित्सालयों, अनुमोदित निजी चिकित्सालयों व निजी जांच केंद्रों में प्रदान की जाएगी। एक जनवरी 2004 के पूर्व नियुक्त कार्मिकों व पेंशनरों को असीमित मात्रा में आउटडोर की सुविधा मिलेगी। एक जनवरी 2004 के बाद नियुक्त कार्मिकों को विकल्प लेने पर पांच लाख रुपए तक की कैश लेस आईपीडी उपचार सुविधा, क्रिटिकल बीमारियों के लिए पांच लाख रुपए तक की अतिरिक्त चिकित्सा सुविधा तथा 20 हजार रुपए तक की वार्षिक सीमा की आउटडोर चिकित्सा सुविधा का लाभ भी मिल सकेगा। जिन कार्मिकों को वर्तमान में तीन लाख रुपए तक के बीमाधन की सीमा में केवल आईपीडी की सुविधा उपलब्ध है, उन्हें आरजीएचएस में भी यह सुविधा पूर्व की भांति निशुल्क प्राप्त करने का विकल्प भी मिलेगा।
करवाया रजिस्ट्रेशन
जिले में 12 हजार 500 से अधिक पेंशनर्स रजिस्टर्ड हैं। इनमें से करीब 1 हजार से अधिक पेंशनर्स ने आरजीएचएस के तहत रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। कोष कार्यालय के अनुसार 1 नवंबर से पेंशनरों को मेडिकल डायरी से दवाएंं नहीं मिलेगी। पेंशनर को आउटडोर स्लिप भी आरजीएचएस कार्ड दिखाने पर मिलेगी और डॉक्टर की ओर से स्लिप पर दवाएं लिखने के बाद पेंशनर्स डॉक्टर की परामर्श पर्ची और आरजीएचएस कार्ड लेकर भंडार की दुकान पर जाएगा। जहां डॉक्टर के परामर्श के आधार पर फार्मासिस्ट मरीजों को आरजीएचएस कार्ड नंबर से दवाएं उपलब्ध करवाएगा। हालांकि अभी तक एनओसी के लिए पेंशनर्स को मेडिकल डायरी की जरूरत पड़ सकती है।
जल्द लागू होंगे नए नियम
सरकार के नए नियमों के तहत अब एक नवंबर से पेंशनर को आउटडोर स्लिप भी आरजीएचएस कार्ड दिखाने पर मिलेगी और डॉक्टर की ओर से स्लिप पर दवाएं लिखने के बाद कार्ड के माध्यम से ही होलसेल उपभोक्ता दवा भंडार की दुकान पर दवा मिल सकेगी।
सुरेन्द्र खंगारोत, महाप्रबन्धक, सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार