
Stomach nutrition due to lack of payment in bhilwara
महावीर पुरी. जहाजपुर ।
भुगतान के चक्कर में क्षेत्र के नौनिहालों का पोषाहार अटकने की नौबत आने की आशंका है। कारण, आंगनबाड़ी प्रारंभिक विद्यालयों में पोषाहार आपूर्ति करने वाले महिला समूहों का भुगतान पिछले दस माह से अटका हुआ है। सरकार से राशि का भुगतान नहीं होने के कारण कई महिला समूह तो पोषाहार सामग्री (सूखा पोषाहार) देना ही बंद कर चुके हैं। कई स्थानों पर सितम्बर से पोषाहार बंद करने की तैयारी में हैं। पोषाहार बनाने वाली महिलाएं, आंगनबाड़ी संचालिका के समक्ष जाकर भुगतान दिलाए जाने की मांग कर रही हैं।
दस माह से भुगतान नहीं
क्षेत्र में महिलाओं के 32 समूह हैं, जो आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषाहार आपूर्ति करते हैं। शहरी क्षेत्र में 20 व ग्रामीण में 12 समूह हैं। भुगतान नहीं किए जाने से कई समूहों ने सूखा पोषाहार बंद कर दिया, जो सप्ताह में प्रत्येक गुरुवार को वितरित किया जाता है। पहले पोषाहार में अनियमितता के नाम पर तत्कालीन महिला एवं बाल विकास अधिकारी जगदीश मीणा ने दिसम्बर से फरवरी के भुगतान पर रोक लगा दी।
अप्रेल में अनियमितता की शिकायत की आधिकारिक जांच के बाद क्लीनचिट मिल गई। अधिकारी बदल गए। वर्तमान सीडीपीओ कृष्णा मीणा ने सभी समूहों को शीघ्र भुगतान का आश्वासन देने के बाद फिर आपूर्ति शुरू करा दी। समूहों का कहना है कि अब भी नवम्बर 2017 से लेकर अगस्त 2018 तक 10 माह का भुगतान बकाया है।
दस माह से पोषाहार का भुगतान नहीं मिला है। बाजार में भी उधार नहीं मिल रहा है। ३० अगस्त तक भुगतान नहीं किया गया तो एक सितम्बर से पोषाहार बंद कर दिया जाएगा।
अफसाना बेगम, अध्यक्ष, महिला समूह वार्ड- 6, जहाजपुर
लम्बे समय से दुकानदारों को सामान का भुगतान नहीं कर सके हैं। कितने समय जोड़-तोड़ कर पोषाहार बनाएं। अब तो कार्य बंद करने की नौबत आ गई है।
जरीना बेगम, अध्यक्ष महिला समूह वार्ड-8, जहाजपुर
दिसम्बर से मार्च तक शिकायतों के चलते भुगतान रुक गया। इसके बाद कार्यालय के बाबू का पद रिक्त हो गया। इससे बिल नहीं बन पा रहे हैं। शीघ्र ही बिल बनाने की व्यवस्था करवा भुगतान करवाया जाएगा।
कृष्णा मीणा, महिला बाल विकास, परियोजना अधिकारी, जहाजपुर
Published on:
31 Aug 2018 04:06 pm
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