
Strict monitoring of the flight plan: Negligence in napkin distribution will now have serious consequences.
प्रदेश में महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य से जुड़ी 'कालीबाई भील उड़ान योजना' को लेकर सरकार अब सख्त रुख अपना रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर सैनिटरी नैपकिन की आपूर्ति, प्राप्ति और वितरण में होने वाली लापरवाही को रोकने के लिए निदेशालय ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब यदि नैपकिन वितरण में लापरवाही बरती गई या स्टॉक रजिस्टर में हेरफेर मिला, तो संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अधिकारियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान चिकित्सा सेवा निगम ने अक्टूबर से दिसंबर तक के तीन माह के स्टॉक के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि अब आपूर्ति का भौतिक सत्यापन होने के बाद ही ई-औषधि पोर्टल पर 'रिवर्स एंट्री' की जाएगी, ताकि कागजों में होने वाले फर्जीवाड़े को रोका जा सके।
योजना की मॉनिटरिंग के लिए अब अधिकारियों के टारगेट तय किए गए हैं। प्रत्येक जिले के उपनिदेशक और महिला पर्यवेक्षक को हर महीने कम से कम 5-5 आंगनबाड़ी केंद्रों की 'क्रॉस चेकिंग' करनी होगी। निरीक्षण के दौरान यदि नैपकिन की संख्या, बैच नंबर या वितरण रजिस्टर में अंतर पाया गया, तो दोषियों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार होगी।
परिपत्र में सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्थिति में आंगनबाड़ी केंद्रों पर 'खुले' सैनिटरी नैपकिन के पैकेट स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आपूर्ति केवल सीलबंद बॉक्स या डिब्बों में ही ली जाएगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को चालान मिलने पर ही स्टॉक की एंट्री अनिवार्य रूप से करनी होगी।
नैपकिन की गुणवत्ता खराब न हो, इसके लिए सभी केंद्रों पर स्टील के ट्रंक (बक्सों) में सुरक्षित भंडारण के निर्देश दिए गए हैं। यदि रखरखाव की कमी के कारण स्टॉक खराब होता है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की तय की गई है।
उड़ान योजना की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए नई एसओपी जारी की गई है। ई-औषधि पोर्टल पर आईडी-पासवर्ड साझा करने या फर्जी एंट्री करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी।
-वासुदेव मालावत, निदेशक, समेकित बाल विकास सेवाएं
Published on:
09 Jan 2026 09:02 am
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