
Sugarcane Juice Business In Summer: गर्मी के तल्ख तेवर के साथ ही तपन भी यकायक तेजी से बढऩे लगी है। बढ़ती गर्मी के चलते जिले भर में गन्ने के रस की मांग भी बढ़ गई है। गर्मी में हलकान हो रहे कंठ को तर करने के लिए लोग गन्ने के रस का सहारा ले रहे हैं। भीलवाड़ा शहर में लोग रोजाना करीब एक लाख रुपए से अधिक का गन्ने का रस पी रहे हैं। कई जगह गन्ने के रस की दुकानें और ठेलों पर चरखियां लग गई हैं। दोपहर बाद तो इन दुकानों और ठेलों पर भीड़ लग जाती हैं। शहर में करीब पांच दर्जन से अधिक गन्ने का रस निकालने की मशीनें चल रही हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में गन्ने के रस की दुकानें और ठेले संचालित हो रहे हैं।
दरअसल, क्षेत्र में गर्मी की दस्तक के साथ ही गन्ने के रस की मांग बढ़ गई है, गन्ने के रस की दुकानों पर दिन भर लोगों की आवाजाही देखने को मिल रही है। दुकानों पर लोग गर्मी से राहत पाने के लिए गन्ने के रस का सहारा ले रहे है। आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी होने के साथ ही गन्ने के रस की मांग भी और बढ़ जाएगी। वर्तमान में शहर में रोजाना करीब 60 क्विंटल गन्ने का रस निकाला जा रहा है।
अप्रेल से जून तक के लिए बाहर से गन्ना मंगवाने के आर्डर भी दुकानदारों ने दे दिए हैं। ताकि गर्मियों के दिनों में माल आने में कोई परेशानी नहीं रहे और समय पर खपत के अनुरूप गन्ना मिलता रहे। बाजार में गन्ने के रस का एक गिलास 20 से 30 रुपए में मिल रहा है। जबकि अन्य फलों के रस का एक गिलास 40 से 60 रुपए में मिल रहा है। जिसके चलते ग्रामीण इलाकों के लोगों की गन्ने का रस ही पहली पसंद बना हुआ है।
शहर के चौराहों व उद्यानों के बाहर अच्छी जगह होने व पर्याप्त छाया रहने से गन्ने की चरखियां भी आराम से चल रही है। इसके अलावा गर्मी में बाइक , कारों व अन्य वाहनों से यात्रा करने वाले लोग कुछ पलों के लिए छांव में विश्राम के साथ गन्ने के रस से हलक तर कर लेते हैं। इससे आगे का सफर आराम से कर सकते हैं। गर्मी में चाय, नाश्ता से ज्यादा गन्ने के रस की थडियां व ठेले हैं।
Updated on:
27 Mar 2025 12:52 pm
Published on:
27 Mar 2025 12:52 pm
