
The issue of sand mining resonated in the Legislative Assembly.
भीलवाड़ा. बजरी की किल्लत, आसमान छूते दाम और अवैध खनन के चलते आमजन को हो रही परेशानी को लेकर राजस्थान पत्रिका की ओर से लगातार चलाए जा रहे अभियान का असर अब विधानसभा में देखने को मिला। पत्रिका की ओर से जनता की आवाज दमदार तरीके से उठाने के बाद, भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने सदन में सरकार को आइना दिखाया है। विधायक कोठारी ने मंगलवार को पर्ची के माध्यम से यह मामला उठाते हुए स्पष्ट कहा कि सरकार ने बजरी नीति-2024 तो अच्छी बनाई, लेकिन इसे धरातल पर उतारने में नाकाम रही। नतीजा यह है कि जनता घर बनाने को तरस रही है और बजरी माफिया हावी हो रहे हैं।
कोठारी ने सदन में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का कमिटमेंट था कि जनता को 250 रुपए प्रति टन में बजरी मिलेगी। नीति के तहत पहले जहां एक व्यक्ति के पास लीज थी, उसे 255 भागों में बांटा गया, जो पारदर्शिता थी। लेकिन भीलवाड़ा, टोंक, अजमेर और सवाईमाधोपुर में यह नीति लागू ही नहीं हो पाई। कोठारी ने कहा कि नीति लागू नहीं होने से अवैध खनन हो रहा है। आए दिन एक्सीडेंट हो रहे हैं। पुलिस और माइनिंग विभाग पीछे लगे रहते हैं। इससे गैंगवार की स्थिति बन रही है। बेरोजगार युवा इस अवैध धंधे में फंसकर अपराधी बन रहे हैं। न सरकार को रेवेन्यू मिल रहा है, न जनता को राहत।
कोठारी ने सरकार के सामने विकल्प रखते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर और मकान बनाने के लिए रेत जरूरी है। यदि सरकार अपनी ही बनाई नीति को लागू नहीं करवा पा रही है, तो वैकल्पिक व्यवस्था करे। इसके लिए राज्य सरकार अपने स्तर पर कांटे लगाने, यह कार्य ग्राम पंचायतों को सौंप देने का विकल्प रखा। इससे पंचायत अपने स्तर पर रॉयल्टी ले और जनता को बजरी उपलब्ध कराएं। सदन में विधायक की पीड़ा साफ दिखी। उन्होंने बताया कि भीलवाड़ा में बजरी की समस्या इतनी विकराल हो चुकी है कि आज लोग उग्र होकर धरना-प्रदर्शन करने वाले थे। कोठारी ने कहा कि उनको मैंने रोका है कि मैं विधानसभा में आपकी बात रखूंगा। सरकार इस पर तुरंत संज्ञान ले, वरना स्थिति और बिगड़ेगी।
Published on:
04 Feb 2026 09:16 am
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