
बिजली बिल में टैक्स लगाने से आमजन की जेब पर भार का मामला स्थायी लोक अदालत पहुंच गया
भीलवाड़ा.
शहर में विद्युत बिल के वितरण और मेटिनेंस सर्विस का काम निजी कम्पनी को सौंपने के बाद हर महीने बिजली बिल भेजने और उसमें कई तरह के टैक्स लगाने से आमजन की जेब पर भार का मामला गुरुवार को स्थायी लोक अदालत पहुंच गया। डिस्कॉम पर निजी कम्पनी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते सिक्योर कम्पनी के खिलाफ वाद दायर किया गया। अदालत ने डिस्कॉम अभियंता व सिक्योर के प्रबंधक को 14 मई को तलब किया है।
सिक्योर कम्पनी के खिलाफ परिवाद में बताया गया कि उसे दस साल का ठेका मिला है जबकि इसके कर्मचारियों का अनुभव निगम कर्मियों से काफी कम है। कम्पनी ने शहर में नए मीटर लगाकर सर्विस लाइन बदलने का काम शुरू किया। इसका भार उपभोक्ता से वसूल रहे हैं। कम्पनी हर महीने बिजली बिल भेज रही है। इसमें स्थायी शुल्क के साथ अन्य टैक्स वसूलेगी। जबकि पहले दो माह में बिल वसूला जाता था। इससे जनता की जेब पर भार पड़ेगा। मध्यम परिवार का बजट बिगड़ेगा। समय की भी बर्बादी होगी। कम्पनी निर्मित मीटर तेज दौड़ रहे हैं। इससे उपभोग में सामान्य से ज्यादा आएगा। यह भी जनता को भी भुगतना पड़ेगा।
कम्पनी हर साल बिल राशि में पांच प्रतिशत राशि की बढ़ोत्तरी करेगी। डिस्कॉम के जो कर्मचारी 72 लाख रुपए में करते थे। वहीं निजी कम्पनी उसे 1 करोड़ 14 लाख में करेगी। इस सम्बंध में डिस्कॉम व जिला प्रशासन को अवगत भी कराया, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। वाद राजेश चौधरी, महेन्द्र शर्मा व संजय सिरोठा ने दायर किया था।
लोक अदालत ने कहा, पंचायत सहायक भर्ती में बरतें पारदर्शिता, योग्य उम्मीदवार ही चुनें
भीलवाड़ा जिले में पंचायत सहायक भर्ती में अनियमतताओं को लेकर जिला स्थाई लोक अदालत में दायर परिवाद पर गुरुवार को सुनवाई हुई। जिला परिषद के सीईओ गजेन्द्र सिंह व जिला शिक्षा अधिकारी अरूण दशोरा सहित एसडीएमसी के सदस्य उपस्थित हुए। अदालत अध्यक्ष विष्णुदत शर्मा ने भर्ती मामलों का निस्तारण करते योग्य अभ्यर्थियों को पारदर्शिता पूर्वक समान चयन प्रक्रिया अपनाने भर्ती करने के निर्देश दिए।
मालूम हो, जिले की खटवाडा , बरण एवं गंगा का खेड़ा पंचायतो में सहायको की भर्तियो में अनियमितता को लेकर लादूलाल तेली के मार्फत समता जाट, कैलाश चन्द्र आदि ने लोक अदालत में परिवाद लगाया था। इसमें एसडीएमसी सदस्यों पर चयन में धांधली का आरोप लगाया और कहा कि योग्य अभ्यर्थियों का चयन नहीं किया गया। अदालत ने अधिकारियों को तलब किया था।
Published on:
27 Apr 2018 12:26 pm

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