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भीलवाड़ा

भीलवाड़ा के सौंदर्य पर अतिक्रमण का दाग

Encroachment in Bhilwara वोट बैंक की ताकत जनता है, लेकिन जनप्रतिनिधि इसी ताकत की अनदेखी कर रहे हैं। भीलवाड़ा शहर की मूलभूत समस्या के समाधान के प्रति जनप्रतिनिधि जागरूक नहीं है। ऐसे में राजस्थान पत्रिका ही उनकी बुलंद आवाज बनकर नौकरशाहों के सामने आया और समाधान की राह भी निकली है।

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वोट बैंक की ताकत जनता है, लेकिन जनप्रतिनिधि इसी ताकत की अनदेखी कर रहे हैं। भीलवाड़ा शहर की मूलभूत समस्या के समाधान के प्रति जनप्रतिनिधि जागरूक नहीं है। ऐसे में राजस्थान पत्रिका ही उनकी बुलंद आवाज बनकर नौकरशाहों के सामने आया और समाधान की राह भी निकली है।

राजस्थान पत्रिका के 69 वें स्थापना दिवस पर रविवार को गायत्री आश्रम सर्कल के समीप पार्षद ओमसाईराम पाराशर सानिध्य में पत्रिका संवाद कार्यक्रम में लोगों ने यह बात कही। उनका कहना था कि भीलवाड़ा का विकास कोटा, जयपुर और उदयपुर की तर्ज पर होना चाहिए। बिजली, पानी, सड़क, सीवरेज, पार्किंग, चिकित्सा व अतिक्रमण की समस्या जस की तस है। अरुणसिंह, मनीष पारीक, शिवराज साहू, नारायण लाल गुर्जर, जसवंत शर्मा, लक्ष्मण माली, आदित्य विजयवर्गीय ने भी समस्याएं गिनाई।
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इनका कहना है
शहर एवं जिले में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। चेन लूट की वारदात हो रही है। थानों में महिला डेस्क सक्रिय नहीं। पटरी पार का हिस्सा गायत्रीनगर आदि क्षेत्रों की अनदेखी हो रही है। रेलवे अंडरपास में पानी भरा रहता है।
– निशा कंवर

पॉश कॉलोनियों में सौंदर्यीकरण के नाम पर चहुंओर पक्के निर्माण कर लिए। रास्ते सिकुड़ गए। मकान मालिक व किराएदार बीच रास्ते में वाहन खड़े कर रहे हैं। आवाजाही प्रभावित होती है। सुभाषनगर डिस्पेंसरी में एक और चिकित्सक की जरूरत है।
– ललित जेठानी

निजी कॉलोनियां चम्बल के पानी से वंचित है। जनप्रतिनिधियों से आश्वासन ही मिला है। सुखाडि़या सर्कल से आरजिया चौराहे के मध्य डिवाइडर से हरे पेड़ लोगों ने अपने शो रूम व दुकानों के खातिर काट दिए। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है।
– ललित वर्मा

शहर की सड़कें पांच साल से सीवरेज परियोजना के नाम पर उधेड़ी जा रही है। सड़कों की दशा नहीं सुधरी है। भीलवाड़ा को टेक्सटाइल पार्क मिलना चाहिए था, लेकिन वह अभी तक नहीं मिला।
– शिल्पी झंवर

कोर्ट चौराहे से कलक्ट्रेट तक ट्रैफिक व पार्किंग व्यवस्था बिगड़ी है। शहर में वाहनों का दबाव बढ़ा है। जनसंख्या भी बढ़ी है। ऐसे में शहर में एक और ओवरब्रिज बनना चाहिए। एलीवेड रोड की भी शहर को जरूरत है।
– पीरू सिंह गौड

स्थानीय स्तर पर युवाओं के रोजगार के अवसर बढ़ाने व सरकार की योजना का लाभ निचले स्तर पर नहीं पहुंच रहा है। अवैध शराब के ठेके व मांस की दुकानें हटानी चाहिए।
– गौतम शर्मा

शहर के पार्कों व पार्किग व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। ईआरसीपी योजना से जोड़ा जाए। शहर का ड्रेनेज सिस्टम सुधारने एवं कॉलोनियों में भी रात्रि सफाई व्यवस्था लागू हो।
– सौरभ पुरोहित