भीलवाड़ा। शादी के कार्ड एवं निमंत्रण
पत्रिकाओं में वर-वधु की जन्मतिथि अंकित करने सम्बन्धी सरकारी आदेश फाइलों में दफन
होकर रह गया है। बाल विवाह रोकने की दशा में बड़ा कदम माने जा रहे इस निर्देश का
कोई खास असर नहीं पड़ा है।
राज्य सरकार ने फरवरी-2013 में शादी के कार्ड पर
दूल्हा-दुल्हन की आयु छापने सम्बन्धी निर्देश दिए गए थे। प्रिन्टिंग प्रेस संचालकों
को दूल्हा-दुल्हन की आयु के प्रमाण पत्र मांगने थे। निर्देशों की पालना की
जिम्मेदारी जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक की तय की गई थी, लेकिन प्रशासनिक व पुलिस
दोनों स्तर पर इस सम्बन्ध में कोई सख्ती नहीं की है। इसका असर यह हुआ कि राज्य में
अब भी अधिकतर शादी के कार्ड व निमंत्रण पत्रिकाओं में दूल्हा-दुल्हन की जन्म तिथि
अंकित नहीं हो रही है।
कोई नहीं मांगते जन्म प्रमाणपत्र
प्रिन्टिंग प्रेस
संचालक जन्म प्रमाण पत्र की मांग नहीं करते हैं। ऎसे में बाल विवाह करने वालों के
कार्ड भी इन प्रेस में छप रहे हैं। ज्यादातर प्रेस संचालक केवल कीमत लेकर दिया गया
मैटर छाप कर देे रहे हैं। किसी तरह के दस्तावेज की मांग शादी कार्ड छपाने वालों से
नहीं हो रही है।
जिम्मेदार भी नहीं कर रहे पालना
सरकार के निर्देशों की
अनदेखी करने वालों में सामान्य लोग ही नहीं, बल्कि कानून की पालना कराने का दायित्व
रखने वाले अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी शामिल है। गत दो वष्ाü में जिले में कई
अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के परिवार में विवाह आयोजन हुए है, लेकिन किसी की भी
निमंत्रण पत्रिका में दूल्हा-दुल्हन की जन्म तिथि अंकित नहीं दिखी है। बाल विवाह के
खिलाफ अलख जगाने वाले कई सामाजिक संगठनों के कर्ताधर्ताओं के साथ भी कुछ ऎसी ही
स्थिति है।
क्यों दिए थे आदेश
शादी के कार्ड में जन्म तिथि अंकित करने के
निर्देüश राज्य सरकार ने तत्कालीन राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष
एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नरेन्द्रकुमार जैन की पहल पर जारी किए थे। इनके
पीछे मंशा जन्म प्रमाणपत्र मांग कर बाल विवाह रोकने की थी। इन निर्देशों के बाद
भरतपुर के तत्कालीन जिला कलक्टर गौरव गोयल ने सबसे पहले वहां इसकी पालना भी शुरू कर
दी थी।
थाना प्रभारियों को किया सतर्क
आखातीज पर बाल विवाह की संभावना को
देखते हुए थानाप्रभारियों को सतर्क किया गया है। पुलिस अधीक्षक हेमंत शर्मा ने बाल
विवाह की सूचना को गम्भीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों को मौके पर पहुंच कर
तस्दीक कर माता-पिता को पाबंद करने के आदेश दिए।
पिता पाबंद
शहर के
विजयसिंह पथिकनगर में चार लड़कियों की मंगलवार को एक साथ शादी होनी थी, जिनमें एक
नाबालिग थी। इसकी सूचना किसी ने सोमवार को सुभाष्ानगर थाना पुलिस को दे दी।
थानाप्रभारी डूंगरसिंह ने बताया कि तस्दीक करने पर पुत्री नाबालिग पाई गई। इस पर
उसके पिता को उपखण्ड अधिकारी के समक्ष पेश कर पाबंद करवाया गया।
शिकायत
मिलने पर करेंगे सख्त कार्रवाई
सभी प्रिन्टिंग प्रेस वालों को शादी के कार्ड में
जन्म तिथि अंकित करने के लिए पाबन्द किया जा चुका है। ऎसा नहीं करने के बारे में
अभी तो कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर सम्बन्घित प्रिन्टिंग प्रेस वालों
के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ.रविकुमार सुरपुर जिला कलक्टर, भीलवाड़ा