जरूरी इसलिए: स्टाफ की कमी, निगरानी सम्भव नहीं
उधर, जेल प्रबंधकों का मानना है कि प्रदेश में प्रहरियों की संख्या पर्याप्त नहीं है। चौबीस घण्टे बंदियों पर प्रहरी निगरानी नहीं रख सकते। बदलते तौर में तीसरी आंख ही कारगर उपाय है। जेल प्रशासन ने भी २५ कैमरे लगाकर पूरे जिला कारागार को तीसरी आंख की जद में लिया।