
VHP International Executive President alok kumar in bhilwara
भीलवाड़ा।
रामजन्म भूमि की सुनवाई सितम्बर तक पूरी होने के बाद फैसला भी आएगा। सुनवाई कर रही बेंच के न्यायाधीश अक्टूबर में सेवानिवृत हो रहे हैं। संभावना है, हिन्दू पक्ष की जीत होगी। कोर्ट का निर्णय पक्ष में आता है और राम की इच्छा हुई तो वर्ष 2018 में मंदिर निर्माण शुरू हो जाएगा। अयोध्या में तैयारी पूरी हो गई है। अगर कोर्ट का फैसला पक्ष में नहीं आया तो संसद में कानून बनाकर राम मंदिर बनाएंगे। अयोध्या में मस्जिद नहीं बनेगी। वे उससे बाहर कहीं भी चाहे मस्जिद बना सकते हैं। राम मंदिर हमारे लिए महज सिंबल नहीं, हिंदू मूल्यों का प्रतीक भी है। यह हर हिंदू की जिम्मेदारी है कि वह मंदिर निर्माण के लिए लड़े। यह बात विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने श्रृंग ऋषि संस्थान में संवाददाताओं से कही। वे भीलवाड़ा में विहिप के क्षेत्रीय वर्ग में हिस्सा लेने आए थे।
आलोक ने कहा, अनुसूचित जाति के लोगों के मन कुछ नाराजगी है। विहिप उसे दूर करने का प्रयास करेगी। इन्हें जोडऩे तथा आर्थिक व शैक्षणिक स्थिति मजबूत करने का काम करेगी। भोज या अष्टमी पर कन्या भोज ही काम नहीं है। उनकी आर्थिक उन्नति, रोजगार , व्यवसाय, उद्योग लगाने पर जोर दिया जाएगा। शैक्षणिक उन्नति और गरिमा वापस दिलाना ही विहिप का मकसद है। उनका विकास से ही देश में असली लोकतंत्र व समरसता आएगी। विहिप परिवार की एकता पर जोर दे रही है। आज न्यायालय में परिवारिक वाद चल रहे हैं। परिवार व्यवस्था टूट रही है उसे पुन: एक करने का काम करेगी। ६६ हजार गांवों में एकल विद्यालय चल रहे हैं।
मैं तोगडिय़ा नहीं हूं
विहिप के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण तोगडिय़ा को हटाने के सवाल पर कहा, तोगडिय़ा ने ही विहिप छोड़ी थी। यह मैंने समाचार पत्र में पढ़ा। यह उनका ही निर्णय था। तोगडिय़ा के प्रधानमंत्री पर आरोप के सवाल को टालते हुए कहा, मैं तोगडिय़ा नहीं हूं। पर तोगडिय़ा हिन्दूत्व आन्दोलन में बड़ी शख्सियत थे। विहिप में चुनाव के सवाल पर कहा, चुनाव 1964 से चल रहे हैं। इस बार कंटेस्ट चुनाव हुआ। यह अच्छी पहल नहीं लेकिन अब नई टीम काम कर रही है। गोवंश की हत्या रोकने का मामला राज्य सरकारों का है। हालांकि विहिप दबाव बनाए हुए है। केरल व बंगाल में कार्यकर्ताओं की हत्या पर चिन्ता जताई।
Published on:
19 May 2018 12:31 pm
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