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भीलवाड़ा।
घने वन क्षेत्र में धवल चांदनी रात में पेड़ों पर बने मचान से वनकर्मियों की चौकस निगाहें, हलचल हुई, तो दूरबीन उसी दिशा में। इसी बीच, कहीं सराहट भी हुई, तो उन्हें लगा, इस बार कौनसा वन्यजीव प्यास बुझाने आ रहा है। मचान पर बैठे वनकर्मियों को पैंथर, जरख व भालू की एक झलक देखने का भी इंतजार था। कुछ इसी तरह का रोमांचित करने का नजारा शनिवार रात को वन विभाग की वन्यजीव गणना के दौरान चिंहित 58 water point के आस-पास का था। वन्यजीव गणना के दौरान मांडलगढ़, करेड़ा, बदनोर, आसीन्द व गंगापुर क्षेत्र में मचान पर चढ़े वनकर्मियों को तो पैंथर का ही इंतजार रात भर रहा। गंगापुर के भटवेर में पैंथर की दहाड़ा दहाड़ सुनाई दी, लेकिन नजर नहीं आया। हालांकि पगमार्क मिले। हमीरगढ़ ईको पार्क में चिंकारे चौकड़ी भरते दिखे तो नीलगाय दौड़ती नजर आई।
जिले में वन विभाग ने शनिवार सुबह दस बजे वन्यजीव गणना 58 water point पर शुरू की। उपवन संरक्षक ज्ञानचंद की अगुवाई में शुक्रवार रात को ही वनकर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया था। शनिवार सांझ ढलने के साथ ही टीमें कही अधिक चौकस हो गई। रात आठ बजे बाद तो पूनम की चांदनी में वाटर पर पहुंचने वाले वन्यजीवों की चहल-पहल बढ़ गई। यहां वाटर पर रविवार सुबह आठ बजे तक वन्यजीव गणना जारी रहेगी। आसीन्द, करेड़ा, बदनोर, मांडलगढ़ वन क्षेत्र में पैथर के कुनबे होने की संभावना के चलते वनकर्मियों ने मचान बांध रखे। हमीरगढ़ ईको पार्क वन्यजीव गणना के चलते पर्यटकों के लिए फिलहाल बंद है।
Published on:
19 May 2019 02:32 am
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