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कोरोना संक्रमण के बीच अब डेंगू का भी खौफ, तैयारियां शुरू

बरसात से पहले होगा डोर-टू-डोर सर्वे- गोहद के 74 और मेहगंाव के 32 गांव हाईरिस्क जोन में
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भिंड

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Rajeev Goswami

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Updated: 3 Jun 2020, 11:30 PM IST

कोरोना संक्रमण के बीच अब डेंगू का भी खौफ, तैयारियां शुरू

कोरोना संक्रमण के बीच अब डेंगू का भी खौफ, तैयारियां शुरू

भिण्ड. कोविड-19 के साथ अब डेंगू की चिंता भी स्वास्थ्य विभाग को सताने लगी है। पिछले पांच साल में पॉजिटिव पाए गए मरीजों की संख्या को देखते हुए विभाग ने डेंगू के खिलाफ दूसरा मोर्चा खोलने की भी तैयारी कर ली है। एक ओर विभाग लार्वा को खत्म करने के लिए डोर-टू-डोर सर्वे कराएगा तो दूसरी ओर इससे बचाव के लिए गांव-गांव में दस्तक भी शुरू कर दी गई है।

मई में कई बार बरसात हो जाने के कारण इस बार अन्य वर्षों की अपेक्षा म‘छरों का प्रकोप ’यादा है। कोविड-19 के प्रकोप के चलते अधिकांश लोग बिना काम के घर से निकलने में परहेज कर रहे हैं। इन हालातों में डेंगू का प्रकोप और बढऩे की संभावना है, क्योंकि डेंगू फैलाने वाला एंडीज नामक म‘छर घर में भरे रहने वाले साफ पानी में पनपता है और दिन के समय ही काटता है। आकार में बड़ा होने कारण इसे टाइगर म‘छर के नाम से भी जाना जाता है। गोहद के 74 और मेहगंाव के 32 गांव इस बार हाईरिस्क जोन में हैं, क्योंकि इन गांवों में धान की खेती होने से जलभराव की स्थिति रहती है। भिण्ड, अटेर के बाढ़ ग्रस्त इलाकों में भी सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। पिछले पांच सालों के आंकड़ों पर नजर डाले तो 440 लोगों को डेंगू अपनी चपेट में ले चुका है। 2015 में 172 डेंगू के मरीज सामने आए थे। इसके बाद 2016 में डेंगू के 132 मामले सामने आए थे। 2017 में 45, 2018 में 45 और 2019 में 46 डेंगू के मरीज आने से विभाग ने अभी से नियंत्रण के उपाय शुरू कर दिए हैं। अभी कोविड-19 के मरीजों का आना शुरू है। ऐसे मे यदि डेंगू के मरीज भी आना शुरू हो गए तो स्वास्थ्य विभाग की परेशानी और बढ़ सकती है। ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से रथ चलाया जा रहा है, वहीं विभाग ने बरसात से पूर्व लार्वा सर्वे कराने की योजना भी तैयार कर ली है।

ये हंै डेंगू बुखार के लक्षण

तेज बुखार के साथ तेज सिर दर्द, मांसपेशियों, जोडों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर पर लाल चकते होना, गंभीर अवस्था में नाक, मसूडों से खून आना आदि है। बुखार के दौरान मरीज को लगातार अधिक से अधिक पानी, फल का जूस, चावल का पानी, ओआरएस का घोल लेना चाहिए।

डेंगू से बचाव के उपाय

-म‘छर से बचने के लिए फुल आस्तीन के कपडे पहने, सोते समय म‘छरदानी का उपयोग करें, सोते समय म‘छर भगाने वाली अगरबत्ती, रैपिलेंट आदि का उपयोग करें

-घर के आस-पास गड्ढों में पानी जमा न होने दें, यदि पानी की निकासी संभव न हो तो जला हुआ ऑइल अथवा मिट्टी का तेल डाल दें, घर में पानी से भरे हुए वर्तन टंकी, मटका, बाल्टी आदि को अ‘छी तरह ढंक कर रखें।

-घर के अंदर रखे कूलर, टंकी, मटका, बाल्टी आदि का पानी तीन से चार दिन में बदलते रहे तथा सुखा कर ही दुबारा भरे, पानी में छोटे-छोटे कीड़े (लार्वा) दिखाई दे तो सूखी जगह पर पानी को फैला दें।

-पिछलों सालों के आंकड़े देखे तो डेंगू का जिले में ’यादा प्रकोप रहा है। कई गांवों में जलभराव की समस्या को देखते हुए अभी से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। कोविड-19 के साथ डेंगू से भी लडऩा है।

-डॉ. अजीत मिश्रा, सीएमएचओ