18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सरकारी योजनाओं का लाभ और मेहनत की पराकाष्ठा कर जीवन सुधारें-राज्यपाल

मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल मंगलवार को अल्प प्रवास पर भिण्ड आए। यहां अटेर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम परा में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से जन संवाद किया, आंगनवाड़ी केंद्र पर पोषण आहार बांटा, प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों से चर्चा कर उनसे कविता सुनकर शैक्षणिक स्तर को भी जानने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी धर्मेद्र शाक्य के घर उनके परिवार के साथ बैठकर दोपहर का भोजन भी किया।

4 min read
Google source verification
राज्यपाल भिण्ड में

पीएम आवास के लाभार्थी के घर भोजन करते राज्यपाल

भिण्ड. जन संवाद कार्यक्रम में राज्यपाल पटेल ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारें महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित कर रही हैं। इससे चौका-चूल्हे तक सिमटी महिलाएं अब स्वावलंबी हो रही हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से लाभ प्राप्त करने वाली कुछ महिलाओं ने अपनी कमाई से अपने पति को ट्रैक्टर तक खरीदकर दिए हैं। राज्यपाल ने कहा कि सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ लें और उनके साथ मेहनत की पराकाष्ठा कर अपने जीवन स्तर को सुधारें। मप्र शासन के सहकारिता एवं लोकसेवा प्रबंधन मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया, सांसद संध्या राय, जनपद अध्यक्ष अध्यक्ष कमला देवी मंच पर मौजूद रहे। राज्यपाल ने कहा कि लोगों और खास तौर से महिलाओं का जीवन स्तर ऊंचा करने की योजनाएं सबसे पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए शुरू की थीं। राज्यपाल ने स्वसहायता समूह की सदस्यों रानी भदौरिया, पूजा शाक्य को १.२६ करोड़ रुपए का चैक भी भेंट किया। इसके बाद विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी को भी देखा।
लाभार्थियों ने सुनाए अपने अनुभव
जन संवाद कार्यक्रम में राज्यपाल ने विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थी तीन हितग्राहियों से संवाद किया। स्व-सहायता समूह की वंदना भदौरिया ने कहा कि पहले वह कहीं भी अपने घर वालों के साथ जाती थीं, लेकिेन अब आर्थिक गतिविधियों का संचालन स्वयं करती हैं। उनके जीवन में स्व-सहायता समूह के माध्यम से बदलाव आया है। वहीं अजय नरवरिया ने जैविक खेती के फायदों पर बताया। जबकि बाली गहलोत ने बटन मशरूम के उत्पादन और प्रशिक्षण से उनके जीवन में आए बदलाव पर जानकारी दी।
सेना को सर्वाधिक जवान चंबल से
सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद भदौरिया ने कहा कि जिले को डाकुओं के नाम पर बदनाम किया जाता रहा। लेकिन उजला पक्ष यह है कि देश की सेना में चंबल के बेटे सर्वाधिक हैं। देश के लिए जान की बाजी लगवाने वाले हमारे यहां हैं। देश और प्रदेश की सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है। असंभव से लगने वाली कनेरा सिंचाई परियोजना को फिर से मंजूरी दी है। 150 करोड़ की इस योजना के चालू होन पर 15 हजार हैक्टेयर में सिंचाई हो सकेगी। इससे क्षेत्र का किसान अच्छी खेती कर समृद्ध होंगे। सांसद संध्या राय ने कहा कि जिले को मेडिकल कॉलेज की बात राज्यपाल के अभिभाषण में शामिल किया गया है। इससे उम्मीद है कि जल्द यह मूर्तरूप लेगा, वहीं अटेर रोड पर रेलवे ओवरब्रिज एवं अन्य विकास कार्य भी तेजी से होंगे।
इनको भी दिलाया गया लाभ
कार्यक्रम में राज्यपाल ने उद्यमिता विकास योजना के तहत सोनिया, छाया और शिवानी को १० लाख रुपए का चैक भेंट किया। जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी धर्मेंद्र शाक्य को आवास का स्वीकृति पत्र भी दिया। राज्यपाल ने राजेन्द्री, रामसिया, मीनू, विनोद को आयुष्मान कार्ड भेंट किए। जबकि श्रीलाल, सुखराम, मुन्नी को इन्दिरा गांधी वृद्वा पेंशन स्वीकृति पत्र भेंट किया। नरेश, जयसिंह को प्रधानमंत्री आवास योजना का स्वीकृति पत्र भेंट किया।
स्वास्थ्य शिविर में 203 मरीजों का परीक्षण व उपचार
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यूपीएस कुशवाह ने बताया कि शिविर में 203 मरीजों ने पंजीयन कराया। इनमें ब्लड प्रेसर के 17, डायबिटीज के 10, फीवर के 7, खांसी के 50, दस्त का एक मरीज आया। सभी का उपचार किया गया। आठ लोगों के शिविर में आयुष्मान कार्ड बनाए गए । 30 लोगों की आशा आईडी बनाई गई। पांच क्षय रोगियों को निश्चय मित्र योजना में पोष्टिक आहार की टोकरी भेंट की, 80 लोगों का ब्लड प्रेशर टेस्ट किया गया।
बच्चों से घुल-मिलकर बतियाए राज्यपाल
राज्ययपाल ने परा गांव में आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक तीन का अवलोकन किया। कार्यकर्ताओं से परिचय प्राप्त कर आंगनबाड़ी स्तर पर चल रही गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। आंगनबाडी के बच्चों से उन्होंने पूछा कि सुबह कितने बजे आते हो, कितने बजे सोकर उठते हो। आंगनबाडी में क्या मिलता है, दीदी सुबह क्या देती है ? बच्चों ने राज्यपाल और सहकारिता मंत्री को तो पहचान लिया, लेकिन सांसद को नहीं पहचान सके। तब राज्यपाल ने सांसद संध्या राय का परिचय दिया। राज्यपाल स बातचीत के दौरान मौके पर बच्ची अलसिपा ने ए,बी,सीडी सुनाई जबकि अनकेश ने सेव पर कविता सुनाई। बच्ची साक्षी ने अंग्रेजी की गिनती सुनाई और दीप प्रताप ने गणित के सबाल पर बनाई कविता को सुनाया। सभी बच्चों को राज्यपाल ने चॉकलेट और फलों की छोटी-छोटी टोकरी भेंट की। राज्यपाल ने अन्न प्रासन्न कार्यक्रम में भी भागीदारी की और गर्भवती व धात्री माताओं को मेवा व फलों की टोकरी भेंट की। एक वर्ष के एक बच्चे को गोदी में उठाकर दुलार भी किया इसके बाद एक पौधा भी रोपा।
12 लोगों के लिए बनवाया गया भोजन पीएम आवास में
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने पीएम आवास योजना के लाभार्थी धर्मेंद्र शाक्य के घर दोपहर का भोजन किया। उनके साथ सहकारिता मंत्री, सांसद, कमिश्नर दीपक सिंह, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान के अलावा परिवार के छह सदस्य भी शामिल हुए। राज्यपाल के लिए गेहूं व चने की चपाती के अलावा कढ़ी, दाल, चावल, बैगन का भुर्ता, चटनी, खीर सहित अन्य व्यंजन देशी घी में बनवाए गए।
कार्यक्रम की झलकियां
-पीएम आवास योजना के हितग्राही धर्मेंद्र शाक्य ने बताया कि 1.50 लाख रुपए शासन से मिले बाकी 1.25 लाख रुपए तीन रुपए सैकड़ा ब्याज पर कर्ज लेकर लगाए।
-राज्यपाल न अन्य अतिथियों के भोजन के लिए स्टील के एकदम नए बर्तन, चौकी, बैठने के लिए सफेदी व गद्दे के साथ ही आटा छोडक़र बाकी सारा इंतजाम सरपंच सुरेश चकवा ने किया।
-राज्यपाल के भोजन के बाद गांव से रवाना होते ही बर्तन व अन्य सामान टैंट हाउस पर वापस करने के नाम पर सरपंच ले गए।
-आंगनवाड़ी केंद्र पर बच्चे बोले, ऐसा भोजन इसके पहले उन्हें कभी नहीं दिया गया। वहीं केंद्र क्रमांक चार की कार्यकर्ताओं को बच्चों को बुलाने के लिए भी काम पर लगाया गया, लेकिन कार्यक्रम के समय बाहर निकाल दिया गया, इससे वे आक्रोशित दिखीं।
-कलेक्टर व कमिश्नर के वाहन आमने समाने फंसे तो जगह के हिसाब से कमिश्नर के वाहन को पीएम आवास के सामने से बैक करके एक गली में ले जाना पड़ा। जबकि कलेक्टर का वाहन आंगनवाड़ी केंद्र की ओर खड़ा रखा।