
पशुपालक किसानों के बनेंगे केसीसी, आवेदन 15 तक
भिण्ड-मुरैना. कोरोना संक्रमण को लेकर घोषित लॉक डाउन खुलने के बाद जिला प्रशासन का पूरा ध्यान दुग्ध उत्पादक किसानों की आर्थिक स्थिति पटरी पर लाने की है। इसके लिए दुग्ध उत्पादक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड बनाकर दिए जाएंगे। इसके लिए ३१ जुलाई तक विशेष अभियान बैंकों के माध्यम से चलाया जाएगा। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के सहयोग से अमल में लाया जाएगा।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तरुण भटनागर ने बैंकर्स के साथ बैठक में शुक्रवार को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। बैंकर्स से कहा है कि दुग्ध उत्पादक किसानों को अल्प अवधि के्रडिट प्रदाय करने का मूल उद्देश्य उनकी कार्यशील पूंजी, बाजार आदि की आवश्यकताओं की पूर्ति करना है। इसलिए बैंकर्स केसीसी बनाने को प्राथमिकता से लें और सहयोगी बनें।
कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में बैंकर्स एवं दुग्ध सहकारी समिति के सदस्यों के अलावा उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. सुरेश शर्मा, लीड बैंक प्रबंधक कर्नल कुमार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहकारी दुग्ध संघ ग्वालियर एसएस अली मौजूद रहे। सीईओ भटनागर ने कहा कि दुग्ध संघ केसीसी बनवाने के लिए निर्धारित प्रपत्र प्रिन्ट कराएं। इसके बाद दुग्ध उत्पादक किसानों से सचिव या बैंक मित्र के माध्यम इसे भरवाया जाएगा। संघ में दूध प्रदाय करने एवं दुग्ध उत्पादक पशुओं की संख्या, लेखा और बैंक के एकाउंट नंबर का सत्यापन दुग्ध सहकारी समिति के सचिव करेंगे।
दुग्ध समितियां किसानों से किसान केडिट कार्ड फार्म 15 जून तक भरवाकर संबंधित बैंक शाखा को प्रस्तुत करेंगी।
यदि किसान सहमत हों तो दुग्ध संघ, दुग्ध सहकारी समितियों के बीच एक त्रि-पक्षीय अनुबंध किया जा सकता है। इसमें बैंक और किसान के साथ किसान क्रेडिट कार्ड के बकाया को बैंक को भुगतान करने को सुनिश्चित करने के लिये किया जा सकेगा।
पशु चिकित्सालयों को भी 10-10 का लक्ष्य
उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. सुरेश शर्मा के अनुसार जिले में २९ पशु चिकित्सालय संचालित हैं। सभी को 10-10 किसान केसीसी बनवाने का लक्ष्य दिया गया है। जिले में 2.46 लाख पशु पालक है। इनमें से अधिकांश को लाभ दिलाने का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने बैंकर्स से कहा कि पशुपालन विभाग के आचार्य विद्यासागर गौ-संवर्धन योजना के लक्ष्य पूरा करने मेंं सहयोग प्रदान करें।
जिले में 90 दुग्ध सहकारी समितियां
सीईओ ग्वालियर सहकारी दुग्ध संघ अली ने बताया कि जिले में ९० दुग्ध सहकारी समितियां काम करती हैं। कई समियिां बंद भी हैं। बंद समितियों से जुड़े पशु पालक भी केसीसी के लिए आवेदन कर पशु चिकित्सा विभाग में कर सकते हैं।
Published on:
13 Jun 2020, 11:50 PM IST
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