
रिफाइंड, पामोलिन ऑइल से बन रहा था मावा, इधर नोवा कंपनी से लिए सैंपल
भिण्ड. केंद्रीय खाद्य सुरक्षा विभाग मुंबई की टीम ने मालनपुर की स्टर्लिंग एग्रो इण्डस्ट्रीज लिमिटेड नोवा मिल्क में बुधवार को सैंपलिंग की कार्रवाई की। टीम ने कंपनी से दूध, मिल्क पाउडर, टी व्हाइटनर, गाय का घी, मिल्क फेट सहित 8 नमूने लिए है। यह पूरी कार्रवाई उच्च न्यायालय ग्वालियर के आदेश पर हुई है। कोर्ट ने नेवा और पारस मिल्क फैक्ट्री पर कार्रवाई कर दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है। निर्देश मिलते ही बुधवार की शाम चार बजे केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेदांत पवल, और टैक्निकल ऑफिसर गुरुनाथ साठे फूड अधिकारी अवनीश गुप्ता, इंस्पेक्टर रीना बंसल और रेखा सोनी के साथ कंपनी में पहुंचे।
अधिकारियों की मानें तो कंपनी में केंद्रीय खाद्य सुरक्षा टीम को मिलावटी सामग्री नहीं मिली है। कोर्ट में अवमानना याचिका के तहत यह यह दलील दी गई थी कि कंपनी में मिलावटी सामग्री बनाई जा रही है। फूड विभाग ने आठ सैंपल लिए हैं, जिनकी जांच आने के बाद ही कंपनी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रात में की कार्रवाई
डेयरी संचालक बृजेश लोधी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया है। मंगलवार की रात खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम रात भी बरोही के रैपुरा गांव में एक डेयरी पर छापामार कार्रवाई हुई तो वहां रिफाइंड पामोलिन आयल व अन्य केमिकल से मावा बनते मिला। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नकली मावा बनाने वाले डेयरी संचालक को गिरफ्तार किया है।
मंगलवार रात बरोही पुलिस ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के साथ रैपुरा में कमलेश खोया डेयरी पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान टीम को यहां रिफाइंड और पामोलिन ऑयल मिला और दो डलिया मावा भी मिला। टीम ने मावा का सैंपल लेकर उसे जब्त कर लिया। पुलिस ने डेयरी संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। डेयरी पर मौजूद बृजेश ङ्क्षसह लोधी पुत्र कमलेश ङ्क्षसह लोधी निवासी रैपुरा ने बताया कि वह घर में एक बायलर और कढ़ाई लगाकर मावा बनाता है। डेयरी संचालक ने बताया कि वह मावा की सप्लाई ग्वालियर-भोपाल में करता है। कार्रवाई के दौरान टीम को डेयरी पर करीब दस किलो रिफाइंड पामोलिन आयल मिला। पूछताछ में डेयरी संचालक ने बताया कि वह इस आयल का उपयोग मावा बनाने में करता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रीना बंसल ने बताया कि टीम ने मावा और आयल के सैंपल लिए हैं। रिफाइंड पामोलिन आयल मिलने से प्रतीत होता है, कि डेयरी संचालक आयल का उपयोग मिलावटी मावा बनाने में करता है और आमजन को शुद्ध मावा बताकर बेचता है। इससे वह आमजन के स्वास्थ्य से खलवाड़ करने के साथ ही उनसे धोखाधड़ी भी कर रहा है।
Published on:
20 Oct 2022 05:25 pm
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