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नपा की दुकानें अनुबंधकर्ताओं ने उठा दीं किराए पर, खुद नहीं जमा कर रहे किराया

शहर में नपा की हैं 586 दुकानें, 300 से 500 रुपए है दुकानों का किराया

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भिंड

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Vikash Tripathi

Nov 22, 2022

नपा की दुकानें अनुबंधकर्ताओं ने उठा दीं किराए पर, खुद नहीं जमा कर रहे किराया

नपा की दुकानें अनुबंधकर्ताओं ने उठा दीं किराए पर, खुद नहीं जमा कर रहे किराया

भिण्ड. नगर पालिका की शहर में 586 दुकानें हैं। इन दुकानों के अनुबंधकर्ताओं पर नपा का 30 लाख रुपए बकाया है। दुकानदार नपा द्वारा निर्धारित किए गए किराया भी समय पर जमा नहीं करा रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में दुकानदारों ने नपा से आवंटित दुकानों को किराए पर उठा दिया है। अधिकारियों की उदासीनता के चलते नपा को हर साल लाखों रुपए राजस्व की चपत लग रही है। इसके अलावा कई व्यापारियों ने दुकानों का नक्शा तक बदल दिया है।
यहां बनी हैं नपा की दुकानें
शहर में अंबेडकर मार्केट में 99 दुकान, विकास मार्केट 62, राज टॉकीज के पास 16, छोटी सब्जीमंडी में 20 दुकानें, बड़ी सब्जीमंडी 20, माधवगंज हाट में 10 दुकान, बस स्टैंड पर 50 दुकान, गल्ला मार्केट में 30 दुकान, अटेर रोड बेयर हाउस के पास 20 दुकान, ङ्क्षसधिया वाचनालय किला के पास 12 दुकान, शहीद भगतङ्क्षसह मार्केट पर 29 दुकान, नपा के सामने लश्कर रोड पर 34 दुकान, नरङ्क्षसहराव दीक्षित मार्केट बीटीआई रोड के पास 21 दुकान हैं, जिन्हें नपा ने किराए पर उठाया है। नपा इन दुकानों का हर महीने किराया तक ठीक से वसूल नहीं कर पा रही है। वहीं अनुबंधकर्ता बीच में हर महीने हजारों रुपए का किराया लेते हैं।
बढ़ा ली दुकानें
नियम के अनुसार नगर पालिका की दुकान जिस हालत में आवांटित की जाती है, उसे उसी स्वरूप में वापस लौटाया जाता है। लेकिन 90 फीसदी दुकानों में किराएदार दुकानदारों ने बिना अनुमति के दुकानों को नए सिरे से बनाकर नक्शा बदल दिया है। विकास मार्केट में तो ग्राहकों के निकलने के लिए छोड़ा गया गलियारा भी बंद कर दिया गया है। जिन दुकानों की गहराई 20 फीट थी, उसकी 30 फीट से भी ज्यादा कर दी है। गलियारा बंद करने के लिए नपा से परमीशन नहीं ली गई और न ही बंद होने के बाद नपा ने दोषियों पर कार्रवाई की है, इसी प्रकार अंबेडकर मार्केट में भी दुकानदारों ने अपनी मनमर्जीस तोडफोड कर ली है।
&दुकानों का सर्वे कराया जाएगा। जिन दुकानों में दूसरे किराएदर बैठे हैं, उनका आवांटन निरस्त कराएंगे। साथ ही वसूली के लिए नए सिरे से अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी।
वर्षा वाल्मीकि, नपाध्यक्ष भिण्ड