
भिण्ड. सरकार बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की दुहाई देते नहीं थक रही है जबकि जिले के अधिकांश सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्स- रे की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस कारण विभिन्न बीमारियों से ग्रसित और घटना- दुर्घटनाओं में घायलों को लंबी दूरी तक एक्स-रे कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस प्रकार के हालात जिले में लंबे अर्से से बने हुए हैं लेकिन शासन- प्रशासन एक्स- रे की सुविधा उपलब्ध नहीं करा सका है।
जिले के अधिकांश सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्स-रे की सुविधा न होने से गंभीर बीमारियों से पीडि़तों को निजी एक्स-रे सेंटरों की शरण लेना पड़ रही है जबकि मेडिको लीगल सर्टीफिकेट के सिलसिले में विभिन्न स्थानों से संंबंधितों को जिला अस्पताल में एक्स-रे कराने के लिए आना-जाना पड़ रहा है। इस कार्य में शासन के कर्मचारियों के साथ ही संबंधितों का अतिरिक्त धन व समय खर्च हो रहा है। इस प्रकार के हालात लंबे समय से बने हैं। लहार क्षेत्र के लगभग सभी स्वास्थ्य केंद्रों में एक्स- रे की सुविधा नहीं है जबकि लहार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिविल अस्पताल का दर्जा मिले एक अर्सा बीत गया है।
यहां भी बिगड़ सकती है स्थिति
गोहद, मौ और फूप में जरूर एक्स-रे की सुविधा मिल रही है। इस कारण इन स्थानों से लोग जिला अस्पताल नहीं आ रहे हैं जबकि अन्य अधिकांश स्थानों से एक्स- रे के लिए जिला अस्पताल एकमात्र केंद्र बना हुआ है। घटना-दुर्घटना में घायलों के एक्स-रे के लिए पुलिस जवानों को भी साथ में आना पड़ रहा है। इस कारण समय व धन खर्च हो रहा है। मेहगांव, अमायन, आलमपुर, दबोह, लहार, रौन, ऊमरी, गोरमी आदि स्थानों के स्वास्थ केंद्रों पर एक्स-रे की सुविधा नहीं मिल रही है। बताया गया है मौ में टेक्नीशियन का रिटायरमेंट दिसंबर महीने में हो रहा है। इसके बाद वहां सुविधा मिलती रहेगी या ठप हो जाएगी यह इस महीने के बाद पता लग सकेगा।
जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर अधिक से अधिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान किए जाने के प्रयास किए जा रहे हंै। इन्हीं में एक्स-रे की सुविधा शामिल है। जिन स्थानों पर एक्स- रे की सुविधा नहीं मिल रही है वहां आवश्यक व्यवस्थाओं के प्रयास किए जा रहे हैं।
डा. जेपीएस कुशवाह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
Published on:
02 Dec 2017 10:59 pm
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