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दो माह से नहीं मिला वेतन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव

कार्यकर्ताओं ने कहा कि होली पर भी मानदेय न मिलने से उनका त्योहार फीका रहा। समय पर मानदेय न मिलने से बच्चों का कुपोषण दूर करने वालीं कार्यकर्ताओं दूसरों का कुपोषण दूर करने वाली कार्यकर्ता का परिवार स्वयं कुपोषित हो रहा है।
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भिंड

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Vikash Tripathi

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Updated: 17 Mar 2026, 12:28 AM IST

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भिण्ड. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका एकता यूनियन ने सेक्टर सुपरवाइजरों के साथ सोमवार को कलेक्टर कार्यालय का एक घंटेे से ज्यादा घेराव किया। फिर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास अंजू तोमर को ज्ञापन देकर चेतावनी दी कि सात दिन में उनकी समस्याओं का निदान हुआ तो अगले सोमवार से अश्चितकालीन धरना शुरू हो जाएगा।

सीटू के जिला महासचिव अनिल दौनेरिया एवं भारतीय किसान सभा के जिला महासचिव राजेश शर्मा के साथ कार्यकर्ताओं ने पहले कलेक्टर कार्यालय के सामने पार्क में धरना दिया, जब एक घंटे से ज्यादा समय बाद भी कोई ज्ञापन लेने नहीं आया तो वे जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के लिए रवाना हो गईं। इस बीच नगर सैनिक ने बताया कि ऊपर इस संबंध में सूचना नहीं पहुंची थी, इसलिए कोई नहीं आया। जब सूचना पहुंची तो जिला कार्यक्रम अधिकारी कुछ ही देर में मौके पर पहुंची और ज्ञापन लेकर समस्याओं का समाधान शीघ्र करवाने का आश्वासन दिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका एकता यूनियन सीटू जिला अध्यक्ष साधना भदौरिया, जिला महासचिव सीमा जाटव के अतिरिक्त 10 परियोजना की कार्यकर्ता आंदोलन में शामिल हुईं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि होली पर भी मानदेय न मिलने से उनका त्योहार फीका रहा। समय पर मानदेय न मिलने से बच्चों का कुपोषण दूर करने वालीं कार्यकर्ताओं दूसरों का कुपोषण दूर करने वाली कार्यकर्ता का परिवार स्वयं कुपोषित हो रहा है।

निरीक्षण में दी जाए शिथिलता

कार्यकर्ताओं की ओर से दौनेरिया ने कहा कि इस समय मकान सूचीकरण का कार्य जनगणना कार्यक्रम के तहत चल रहा है। जिसमें कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई जा रही है, इस दौरान यदि कोई अधिकारी निरीक्षण में पहुंचता है तो समस्या आती है। इसलिए ड्यूटी वाले कार्यकर्ताओं की जानकारी अधिकारियों को दी जाए ताकि उन केंद्रों पर थोड़ी शिथिलता बरती जा सके।

इन मांगों को लेकर दिया है ज्ञापन

कार्यकर्ताओं को जनवरी व फरवरी माह का वेतन अब तक नहीं मिला, शीघ्र दिया जाए।
छह माह से भी अधिक समय का भवन भाड़ा भुगतान नहीं हुआ है, शीघ्र कराया जाए।
आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन और मकान सूचीकरण कार्य एक साथ नहीं हो सकते, राहत दी जाए।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से दूसरे विभागों का कार्य भी कराया जा रहा है, जो बंद किया जाए।