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MP में अब आउटसोर्स बिजली कर्मचारी भी हड़ताल पर गए

- धरना और प्रदर्शन के साथ ही जमकर नारेबाजी भी की

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भिंड

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Deepesh Tiwari

Jan 21, 2023

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मध्यप्रदेश में इस साल होने वाले चुनावों से पहले ही विभिन्न लोगों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया है। इसी के चलते जहां अस्पतालों के संविदा कर्मचारी सहित लैब में कार्यरत कर्मचारियों की हड़ताल के बाद अब बिजली वितरण कंपनी के आउटसोर्सिंग कर्मचारी भी हड़ताल पर उतर आएं हैं।

इसी के तहत बिजली वितरण कंपनी में आउटसोर्सिंग आधार पर काम कर रहे भिंड के कर्मचारी शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जिले भर में इन हड़ताली कर्मचारियों की संख्या 600 से अधिक है। इसके पूर्व जनवरी के पहले सप्ताह में इनके द्वारा चेतावनी भी दी गई थी कि मांगे पूर्ण नहीं किए जाने पर हम कार्य रोक देंगे। लेकिन इसके बावजूद मांगे मानने का आश्वासन देकर इनकी हड़ताल को तो स्थगित करवा दिया गया था।

आरोप है कि इसके बाद इनकी मांगों को मानना तो दूर की बात उस पर विचार तक नहीं किया गया। जिसके बाद 19 जनवरी को ज्ञापन देकर कर्मचारियों ने 20 जनवरी तक मांगे न माने जाने पर हड़ताल करने का ऐलान किया था। लेकिन इसके बाद भी सरकार और अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिसके चलते इनके द्वारा हड़ताल शुरू कर दी गई है। इस दौरान हड़ताली कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इधर,लैब टेक्नीशियन्स ने रक्त से लिखे पत्र
वहीं अपनी लंबित 13 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे भिंड के लैब टेक्नीशियन्स ने शनिवार को मुख्यमंत्री के नाम रक्त से पत्र लिखा। लैब टेक्नीशियन्स का कहना है कि उनकी जायज मांगों को मानने में सरकार हठधर्मिता अपना रही है। जिला अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे लैब टेक्नीशियन्स ने सिरिंज के माध्यम से रक्त निकाला और उससे अपनी सभी मांगों को लिखकर मुख्यमंत्री के नाम भेजने की तैयारी कर ली है।

बिजली कर्मचारी हड़ताल
बिजली कर्मचारी के संयुक्त मोर्चा ने शुक्रवार 06 जनवरी 2023 से हड़ताल का ऐलान कर दिया था। साथ ही 70 हजार कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर शासन को पत्र भी लिखा था। बिजली कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया था कि 6 जनवरी से होने वाली हड़ताल में बिजली विभाग के 6 हजार संविदा कर्मचारी, 45 हजार आउट सोर्स कर्मचारी, 19 हजार नियमित कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे।

9 जनवरी से कामों का बहिष्कार की दी थी चेतावनी
इस दौरान चेतावनी जारी करते हुए कहा गया था कि यदि 6 जनवरी तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा। उस समय इनका कहना था कि यदि निश्चित समयावधि तक सरकार ने मांगों का निराकरण नहीं किया, तो 9 जनवरी से सभी कामों का बहिष्कार किया जाएगा। इसके साथ ही सभी मांगों को पूरा कराने के लिए आंदोलन किया जाएगा। ये बहिष्कार अनिश्चितकालीन चलेगा। उस समय फोरम ने कहा था कि सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। सरकार, कर्मचारियों की मांगे जल्द ही पूरा करें।

MP Bijli karmchari hadtaal: ये हैं मुख्य मांगे
- बिजली कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितिकरण की मांग है।
- बिजली कर्मचारी आउटसोर्स का संविलियन और वेतन वृद्धि की भी मांग कर रहे हैं।
- बिजली कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली को लेकर भी मैदान में उतरे हैं।
- बिजली कर्मचारियों ने महंगाई राहत भत्ता (डियरनेस रिलीफ-डीआर) में भी वृद्धि की मांग कर रहे हैं।
- बिजली कर्मचारियों की मांग है कि वेतन विसंगति को भी दूर किया जाए।