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एक साल में खर्च हुई 3906 करोड़ की बिजलीबिजली खपत जयपुर डिस्कॉम में भिवाड़ी सर्किल सबसे आगे

भिवाड़ी. उद्योग नगरी टैक्स देने के साथ बिजली खपत में भी जयपुर डिस्कॉम के 18 सर्किल में सबसे अव्वल है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भिवाड़ी सर्किल में 3906 करोड़ रुपए की बिजली की खपत हुई। इसके साथ ही बिल वसूली में भी जिला पहले पायदान पर रहा है। पिछली बकाया को शामिल करते हुए 3926 […]

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भिवाड़ी

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Dharmendra dixit

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Dharmendra Dixit

Apr 02, 2026

शत प्रतिशत मिला राजस्व, भिवाड़ी की खपत पांच जिलों के जोन से भी अधिक

भिवाड़ी. उद्योग नगरी टैक्स देने के साथ बिजली खपत में भी जयपुर डिस्कॉम के 18 सर्किल में सबसे अव्वल है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भिवाड़ी सर्किल में 3906 करोड़ रुपए की बिजली की खपत हुई। इसके साथ ही बिल वसूली में भी जिला पहले पायदान पर रहा है। पिछली बकाया को शामिल करते हुए 3926 करोड़ रूपए की प्राप्ति हुई है। भिवाड़ी सर्किल में सब डिवीजन भिवाड़ी और टपूकड़ा से सबसे अधिक राजस्व प्राप्त होता है। औद्योगिक क्षेत्र का बड़ा हिस्सा भिवाड़ी में आता है और उसके बाद कुछ हिस्सा टपूकड़ा में आता है। भिवाड़ी सब डिवीजन ने वित्तीय वर्ष में करीब 2600 करोड़ रुपए के बिल जारी किए और टपूकड़ा ने पांच सौ करोड़ के बिल जारी किए। टीएंडडी लॉस में भी कमी आई है। गत वर्ष 8 फीसदी की अपेक्षा इस बार 6.97 फीसदी ही टीएंडडी लॉस रहे। एक प्रतिशत से अधिक टीएंडडी लॉस कम होने से 5.23 करोड़ यूनिट बिजली की बचत हुई है, जिससे निगम को 43.22 करोड़ रुपए की छीजत कम हुई है।

कर्मचारी संसाधन की कमी
भिवाड़ी सर्किल जयपुर डिस्कॉम के अन्य अधीक्षण अभियंता के कार्यक्षेत्र से काफी सीमित है। भिवाड़ी में बड़े उद्योग होने से बिजली की खपत अधिक होती है। राजस्व अच्छा मिलता है। इसके बावजूद यहां कर्मचारियों की कमी है। एसई कार्यालय में 21 पद स्वीकृत हैं जिसमें से 14 रिक्त हैं, पीओ ऑफिस में 14 में से 11 पद रिक्त हैं। वहीं एओ ऑफिस में 21 में से 17 पद रिक्त हैं। सर्किल 26 अगस्त 2023 से कार्य कर रहा है लेकिन अभी तक एसीओएस (स्टोर शाखा) नहीं खुल सकी है, इसके साथ ही बड़ा औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद फॉल्ट लोकेटर मशीन नहीं है। रखरखाव के लिए उपकरण, सामग्री एवं मशीन के लिए अभी भी अलवर पर निर्भरता बनी हुई है। भूमिगत फॉल्ट सही करने में 24 घंटे तक का समय लगता है, जिससे बिजली आपूॢत बाधित रहती है और इकाइयों में उत्पादन प्रभावित होता है।

पांच जिलों से अधिक खपत
भिवाड़ी सर्किल में दो लाख 18 हजार घरेलू, 20659 व्यावसायिक, 50092 कृषि, 10389 औद्योगिक सहित तीन लाख 621 उपभोक्ता हैं। भिवाड़ी सर्किल ने 3906 करोड़ रुपए की बिजली खपत की। यह खपत कई जिलों की कुल खपत से अधिक है। भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर को मिलाकर भरतपुर जोन बनता है, इस जोन के सभी जिलों में 3663 करोड़ की बिजली खपत हुई, जो कि भिवाड़ी से कम है। इसी तरह बारां, बूंदी, झालावाड़ और कोटा चार जिलों को मिलाकर कोटा जोन बनता है, इस जोन में 4112 करोड़ रुपए की बिजली खपत हुई, जो कि भिवाड़ी सर्किल से थोड़ी अधिक रही। जयपुर डिस्कॉम के 18 जिलों में बिजली खपत के मामले में भिवाड़ी सबसे आगे है।

इस तरह है बिजली खपत की जिलेवार स्थिति
बिजली खपत की जिलेवार स्थिति देखें तो इसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में भरतपुर ने 818 करोड़, डीग 541 करोड़, धौलपुर 694 करोड़, करौली 776 करोड़, सवाईमाधोपुर 834 करोड़, अलवर 2453 करोड़, दौसा 1147 करोड़, जेसीसी नॉर्थ 2965 करोड़, जेसीसी साउथ 3172 करोड़, जेपीडीसी नॉर्थ 1739 करोड़, जेपीडीसी साउथ 2514 करोड़, कोटपूतली 2276 करोड़, टोंक 954 करोड़, बारां 934 करोड़, बूंदी 944 करोड़, झालावाड़ 1074 करोड़, कोटा 1161 करोड़ की बिजली खपत की है।

वित्तीय वर्ष के शत प्रतिशत बिल प्राप्त हुए, बकाएदारी से भी कुछ राशि जमा हुई, इस तरह सर्किल ने आधा फीसदी अधिक प्राप्त किया, जिसकी वजह से 3926 करोड़ रुपए के बिल जमा हुए।
जेपी बैरवा, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम