
अन्य बड़ी इकाइयों को कनेक्शन देने लगाना होगा अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर
भिवाड़ी. कारोली 132 केवी जीएसएस गत वर्ष अगस्त में क्रमोन्नत होकर 220 केवी जीएसएस में परिवर्तित हुआ। जीएसएस की क्षमता 160 एमवीए रखी गई। क्रमोन्नत होने के बाद जीएसएस पर विद्युत भार क्षमता 35 मेगावाट थी, जो कि नौ महीने में बढकऱ 160 एमवीए हो चुकी है। गर्मियों के सीजन में भार बढऩे अथवा नई इंडस्ट्री के कनेक्शन लेने पर जीएसएस की भार क्षमता को बढ़ाना होगा। प्रसारण निगम अभियंताओं ने बताया कि कारोली जीएसएस पर 122 मेगावाट का विद्युत भार आ चुका है। 38 मेगावाट का नया कनेक्शन हो चुका है, उक्त कंपनी ने अभी पूरा भार नहीं लिया है। पूरा भार लेने पर जीएसएस पूरी क्षमता पर संचालित होने लगेगा। इसके बाद यहां 160 एमवीए के एक अन्य ट्रांसफार्मर लगाना पड़ेगा। फाइल मुख्यालय भेज दी गई है। मुख्यालय से फाइल पर कुछ तकनीकि जानकारी मांगी गई है, जिसे पूरा करने के बाद दोबारा फाइल भेजी जा रही है।
क्षेत्र का तीसरा जीएसएस
कारोली उद्योग क्षेत्र का तीसरा 220 केवी जीएसएस है। इससे पहले बिलाहेड़ी और खुशखेड़ा 220 केवी जीएसएस से उद्योग क्षेत्र में बिजली आपूर्ति होती है। जीएसएस का निर्माण होने के बाद औद्योगिक इकाइयों को भरपूर, निर्बाध एवं गुणवत्ता की बिजली मिलने लगी है। बार-बार के फॉल्ट, ट्रिपिंग से राहत मिली है लेकिन इतनी जल्दी भार बढऩे से नए ट्रांसफार्मर लगाने की जरूरत है। 220 केवी जीएसएस कारोली पर लाइन इन लाइन आउट (लीलो एट कारोली) अलवर खुशखेड़ा से आपूर्ति हो रही है। भिवाड़ी पीजीसीआईएल से नीमराणा लाइन इन लाइन आउट का काम अभी अधूरा है। इसमें काश्तकारों के अवरोध की वजह से बाधा आ रही है। अभी खुशखेड़ा की भार क्षमता 320 मेगावाट है, भिवाड़ी की 460 मेगावाट है। कारोली जीएसएस क्रमोन्नत का काम 58 करोड़ रुपए से हुआ है। क्रमोन्नत की फाइल 2019 में स्वीकृत हुई थी।
उद्योग क्षेत्र को मिला लाभ
कारोली जीएसएस के 132 से 220 केवी में क्रमोन्नत हो जाने से औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी और खुशखेड़ा को बहुत लाभ मिला। तीनों जीएसएस का भार आपस में एक्सचेंज किया जा सकता है। फिलहाल भी खुशखेड़ा से भिवाड़ी के 132 केवी चौपानकी और बीएमआरटी जीएसएस पर आपूर्ति होती है। खुशखेड़ा के ओवरलोड होने पर कारोली से उक्त क्षेत्र के सब स्टेशन को बिजली आपूर्ति की जा सकेगी। किसी एक 220 केवी जीएसएस में खराबी आने पर भी दूसरे से आपूर्ति सुचारू की जा सकेगी।
कारोली 220 केवी जीएसएस की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। 160 एमवीए का ट्रंासफार्मर लगाने मुख्यालय को फाइल भेजी है, जल्द ही स्वीकृति की उम्मीद है।
महीपाल यादव, एसई, प्रसारण निगम
Published on:
27 Mar 2026 06:56 pm
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